लखनऊ की हजरतगंज पुलिस व क्राइम ब्रांच ने दो जालसाजों को शुक्रवार शाम 1090 चौराहा से गिरफ्तार कर लिया। इसमें एक जालसाज ने खुद को डिप्टी सीएम का बेटा बताकर राज्य मंत्री को फोन किया और अपने दोस्त को संविदा पर नौकरी दिलाने के लिए दबाव बनाने लगा था। राज्यमंत्री के निजी सचिव ने हजरतगंज थाने में केस दर्ज कराया।
पुलिस टीम को कमिश्नर सुजीत पांडेय ने 10 हजार रुपये का इनाम भी दिया। एसीपी हजरतगंज अभय कुमार मिश्र के मुताबिक, राज्यमंत्री के निजी मोबाइल नंबर पर 30 जुलाई को एक युवक ने खुद को डिप्टी सीएम का बेटा बताते हुए कॉल किया। उसके बाद उन्हें अपने दोस्त की किसी मेडिकल कॉलेज में संविदा पर नौकरी दिलाने की बात कहीं।
उन्होंने शक होने पर निजी सचिव ललित कुमार दिवाकर से मामले की पड़ताल करने को कहा। निजी सचिव की शिकायत पर जांच में सामने आया कि एटा के प्रेम नगर निवासी राजेश कुमार ने डिप्टी सीएम का बेटा बनकर फोन किया था। जो एटा के ही जाटवपुरवा निवासी सुशील कुमार से नौकरी दिलवाने के नाम पर करीब चार लाख रुपये लिया था। दोनों को सर्विलांस की मदद से 1090 चौराहे के पास से गिरफ्तार किया गया।