फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीएम ने किया था फर्जी वेबसाइट 'आईभक्ति' उद्घाटन?

Mon, 30 Mar 2015 03:02 PM IST
अनूप ओझा/अमर उजाला, वाराण्ासी
विज्ञापन
विज्ञापन
बाबा काशी विश्वनाथ का प्रसाद ऑनलाइन उपलब्ध कराने के नाम पर जबरदस्त फर्जीवाड़ा किया गया है। जो वेबसाइट ऑनलाइन प्रसाद बेचने का दावा कर रही है उसका वजूद विश्वनाथ मंदिर प्रशासन के रिकॉर्ड में कहीं है ही नहीं।
विज्ञापन


यह वेबसाइट जाने -माने फिल्म अभिनेता डिनो मारिया ने डीओटी ई-साल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड संस्था के जरिए ‘आईभक्ति’ नाम से बनाई है। इसकी लॉन्चिंग सीएम अखिलेश यादव से कराई गई थी लेकिन इसकी जानकारी न तो सूबे के धर्मार्थ कार्य मंत्री विजय मिश्र को है न ही काशी विश्वनाथ न्यास परिषद को।

खीरा इंडस्ट्रियल स्टेट, एसटी रोड सांता क्रूज मुंबई के पते से संचालित ‘आई भक्ति’ वेबसाइट के जरिए अब तक दो सौ से अधिक भक्तों को प्रसाद बेचा जा चुका है। दूसरे वेब पेज पर धुआंधार प्रचार भी किया जा रहा है लेकिन मंदिर प्रशासन को इसकी अभी तक अधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
विज्ञापन

वेबसाइट पर 550 रुपए में बिक रहा है प्रसाद

आईभक्ति वेबसाइट पर बाबा का प्रसाद लाल पेड़ा के रूप में 550 रुपये में बेचा जा रहा है। इस वेबसाइट पर भविष्य में बाबा की ऑनलाइन आरती और पूजा कराने की भी घोषणा की गई है।

इतना ही नहीं इस वेबसाइट पर एक वीडियो भी अपलोड किया गया है। इस वीडियो में मंदिर के एक अर्चक को यह कहते दिखाया गया है कि ‘आईभक्ति की’ यह योजना न्यास परिषद की सहमति से तैयार की गई है और इसका लाभ भक्तों को मिल सकेगा।

उधर, मुख्य कार्यपालक अधिकारी एके अवस्थी ने बताया कि ‘आई भक्ति’ की लखनऊ में लांचिंग के बारे में उन्होंने भी सुना है। सीएम से इसका उद्घाटन कराया गया है लेकिन अभी तक उनके पास इसके बारे में अधिकारिक निर्देश नहीं आया है।

आई भक्ति वेबसाइट पर सिद्धि विनायक मंदिर, अंबा जी मंदिर की ऑनलाइन पूजा कराने और प्रसाद बुक कराने जानकारी दी गई है। साथ ही अमृतसर के स्वर्ण मंदिर और शिरडी के साईं मंदिर से जुड़ी धार्मिक गतिविधियों को भी इस वेबसाइट पर जल्द ही ऑनलाइन करने की बात कही जा रही है।
विज्ञापन

वेबसाइट के नाम पर हो रहा है खेल

काशी विश्वनाथ मंदिर के अध्यक्ष आचार्य पंडित अशोक द्विवेदी फिल्म अभिनेता डिनो मारिया की वेबसाइट पर है बड़ा खेल, न्यास परिषद की मंजूरी के बिना हो रही है प्रसाद की बिक्री मुझसे डीनो मारिया से कभी न बात हुई है न मुलाकात। सामने आने पर वो मुझे पहचान भी नहीं सकते।

आईभक्ति वेबसाइट के जरिए आनलाइन प्रसाद बेचने की योजना से संबंधित प्रस्ताव न्यास परिषद के समक्ष कभी चर्चा के लिए लाया ही नहीं गया है। इससे मैं अनजान हूं।

अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी पीएन द्विवेदी का कहना है कि डिनो मोरिया से एक बार मेरी मुलाकात हुई है। आईभक्ति वेबसाइट के बारे में मुझे कुछ पता नहीं है। पता चला है कि इस वेबसाइट पर प्रसाद बेचने का काम शुरू कर दिया गया है लेकिन मंदिर प्रशासन के पास अभी तक इसका कोई रिकार्ड नहीं है। प्रसाद के डिब्बे का एक नमूना जरूर मंगाया गया है,ताकि उसे मुख्य कार्यपालक समिति के समक्ष रखा जा सके।

डिनो मारिया का कहना है कि अपर कार्यपालक पीएन द्विवेदी से मैं इस योजना को लेकर मिला था। उनसे चर्चा के बाद ही मैंने इस वेबसाइट की लांचिंग कराई। इसमें मेरी ओर से कोई फर्जीवाड़ा नहीं किया गया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें