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यूपीपीसीएल की ऑनलाइन परीक्षा में धांधली, सॉफ्टवेयर की मदद से किया गया खेल, 12 गिरफ्तार

Thu, 29 Mar 2018 09:30 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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गिरफ्तार किए गए आरोपी। - फोटो : amar ujala
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उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन (यूपीपीसीएल) की ओर से आयोजित ऑनलाइन प्रतियोगी परीक्षा में साल्वर गैंग ने परीक्षा केंद्र प्रबंधन से मिलीभगत कर धांधली की थी। मामले में एसटीएफ ने 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी प्रश्न पत्रों को इलेक्ट्रानिक डिवाइस की मदद से सॉल्व करते थे। आईजी एसटीएफ अमिताभ यश ने बताया कि यूपीसीएल द्वारा आयोजित अवर अभियन्ता भर्ती परीक्षा-2018 में धांधली व पक्षपात किए जाने की शिकायत मुख्यमंत्री कर्यालय के माध्यम से मिली थी।

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मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले की जांच एसटीएफ से कराए जाने के निर्देश दिए थे। शुरुआती जांच परीक्षा में शामिल 26 हजार अभ्यर्थियों के डाटा का अध्ययन किया गया और इसमें से संदिग्ध अभ्यर्थियों को एक सॉफ्टवेयर के माध्यम से छांटा गया।

जांच में पता चला कि यूपीपीसीएल की अवर अभियंता भर्ती परीक्षा-2018 के साथ-साथ सहायक समीक्षा अधिकारी, कार्यालय सहायक, अपर निजी सचिव के पदों पर भर्ती के लिए भी परीक्षाएं विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर अपटेक ने कराई थी। इन परीक्षाओं में भारी राशि लेकर सिस्टम हैक कर गड़बड़ी की गई है।
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ऑन लाइन साल्व करने के लिए परीक्षा केंद्र स्थित लैब के कम्प्यूटर में परीक्षा केंद्र प्रबंधन की मिलीभगत से कंप्यूटर पर एमी एडमिन सॉफ्टवेयर डालकर प्रश्नपत्र हल किया गया था। इसके बाद उसका आईडी और पासवर्ड साल्वर गैंग को उपलब्ध करा दिया गया। कुछ अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र आंसर की के साथ उपलब्ध कराकर नकल कराई गई। नकल कराने के लिए जूनियर इंजीनियर के हर अभ्यर्थी से 14-14 लाख रुपये लेने की बात सामने आई है।
 

जांच के दौरान कुछ अभ्यर्थियों को शार्टलिस्ट कर उनसे पूछताछ की गई। पता चला कि एमी एडमिन सॉफ्टवेयर के माध्यम से साल्वर गैंग ने घर बैठे पूरा आनलाइन प्रश्नपत्र साल्व कर दिया, जिससे इन अभ्यर्थियों की मेरिट ऊपर हो गई।

जांच के दौरान ये भी पता चला कि जेके पब्लिक स्कूल कनौसी, मानक नगर व महाबीर प्रसाद डिग्री कॉलेज में इसी सॉफ्टवेयर के माध्यम से पेपर सॉल्व किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त ज्ञानेन्द्र सिंह, दीप मणि और संजय राजभर की निशानदेही पर कॉलेज की लैब से संदिग्ध कम्प्यूटर सीपीयू, लैपटाप बरामद किये गए हैं।

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इनको किया गिरफ्तार

- फोटो : amar ujala
- ज्ञानेंद्र सिंह यादव निवासी ग्राम गौरी थाना काकोरी लखनऊ, प्रबंधक- जेके पब्लिक स्कूल कनौसी मानक नगर।

- डॉ. अमित सिंह निवासी 554/647 छोटा बरहा, आलमबाग़, लखनऊ। (मालिक/प्रबंधक महाबीर प्रसाद डिग्री कॉलेज।

- संजय राजभर निवासी ग्राम-मिश्रौली पोस्ट व थाना-अहरौला जनपद-आजमगढ़। (महाबीर प्रसाद डिग्री कॉलेज मे कर्मचारी। कॉलेज के लैब में सॉफ्टवेयर इंस्टाल करके आईडी व पासवर्ड साल्वर को भेजता था।)

- दीपमणि यादव निवासी शिवरी पोस्ट इब्राहिम पट्टी थाना भीमपुरा जनपद बलिया। (जेके पब्लिक कॉलेज व अन्य स्कूलों में कम्प्यूटर लैब स्थापित करके वहां सॉफ्टवेयार डालता था।)

- संजय कुमार जायसवाल निवासी हसनपुर सुंथर थाना टांडा, अंबेडकर नगर। (संजय राजभर से प्राप्त सॉफ्टवेयर की आईडी व पासवर्ड साल्वर को भेजता था।)

- अभय यादव निवासी ग्राम जवाहरपुर थाना मधुबन जनपद मऊ। (यह अभ्यर्थियों की तलाश करके पेपर लीक गैंग तक पहुंचाता था।)

- धीरेंद्र वर्मा ग्राम बेरौना थाना खुखुन्दू तहसील देवरिया जनपद देवरिया। (यह अभ्यर्थियों की तलाश करके पेपर लीक कर गैंग तक पहुँचाता था।)

- सैयद अफसर हुसैन- निवासी 43 हीवेट रोड जुरियन टोला भानुमती चौराहा थाना कैसरबारग लखनऊ। (यह परीक्षार्थी है।)

- विपिन कुमार सिंह, राकेश कुमार निवासी ग्राम कन्हैटी पोस्ट कन्हैटी, फूलपूर इलाहाबाद। (यह परीक्षार्थी है।)

- राम बाबू निवासी बारामऊ पोस्ट मेहरोन्दा, सौरांव, इलाहाबाद। (यह परीक्षार्थी है।)

- संजय कुमार गौड़ निवासी ग्राम कैलानी पो. चेरो थाना मइल देवरिया। (यह अभ्यर्थियों की तलाश करके पेपर लीक गैंग तक पहुंचाता था।)
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