किसानों को उपकरण देने के लिए मिलने वाले अनुदान में भी धांधली की जा रही है।
वित्तीय वर्ष 2013-14 में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत जिन किसानों को ओसाई पंखा देना दर्शाया गया है उनमें से अधिकांश ने पंखा न मिलने की बात कही है।
चौंकाने वाली बात यह है कि दो व्यक्तियों के नाम और पता फर्जी है। जानकारी के बाद विभाग में हड़कंप की स्थिति है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत वित्तीय वर्ष 2013-14 में जिले के 30 किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर ओसाई पंखा का वितरण किया जाना था।
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यह पंखा यूपी स्टेट एग्रो इंडिया कारपोरेशन लिमिटेड द्वारा उपलब्ध कराए गए। कारपोरेशन ने पंखा वितरण के बाद उप कृषि निदेशक कार्यालय में अनुदान के भुगतान को सूची उपलब्ध कराई।
सूची का जब कार्यालय से सत्यापन कराया गया तो विभागीय अधिकारी भी दंग रह गऐ। 30 में से 14 किसानों ने तो पंखा मिलने से ही इंकार कर दिया।
वहीं दो किसान तो ऐसे हैं जिन्हें पंखा देना दर्शाया गया है और उस नाम और पते के किसान गांव में नहीं हैं। सूची के सत्यापन के बाद विभाग में हड़कंप है।
यह किसान नहीं मिले गांव में
विकास खंड सुल्तानगंज क्षेत्र के ग्राम नगला भगत निवासी वेदराम पुत्र रामनाथ लोधी तथा दिवनपुर चौधरी निवासी अतर सिंह पुत्र नेकराम को ओसाई पंखा देने दर्शाए गए हैं। जबकि जांच में इन गांवों में इस नाम का कोई नहीं है।
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