लखनऊ। नगर पालिका का ठेका व हरियाणा के बेरोजगार युवकों को नौकरी दिलाने के नाम पर 50 लाख रुपये की ठगी का मामला प्रकाश मेें आया है। इस मामले में सीओ बीकेटी के निर्देश पर हरियाणा के युवकों ने इटौंजा थाने में भाजपा नेता समेत पांच के खिलाफ नामजद केस दर्ज कराया है। वहीं कई अन्य अज्ञातों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है।
मूलरूप से हरियाणा के रेवाड़ी जिला स्थित धवाना खोल गांव निवासी देवेंद्र यादव ने तहरीर में आरोप लगाया कि उनसे और 30 अन्य युवकों से नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की गई। ठगी करने का आरोप खुद को भाजपा नेता बताने वाले अटेसुवा निवासी अमर सिंह राठौर, उनकी पत्नी प्रीति सिंह, हरदोई के छतिहां निवासी मयंक सिंह, कुलदीप सिंह व अतुल सिंह पर लगाया है। आरोप है कि इन सभी ने नौकरी व टेंडर दिलाने के नाम पर 50 लाख रुपये वसूले। लेकिन न तो नौकरी दिलाई और न ही ठेका। रुपये वापस मांगे तो धमकी दी गई।
बैंक खातों में जमा कराए थे रुपये
पीड़ितों के मुताबिक, ज्यादातर रकम आरोपियों ने अपने बैंक खातों में जमा कराई। इसमें प्रीति सिंह के खाते में 14 लाख रुपये, अमर सिंह के दो खाते में 12 लाख, अन्य साथियों जितेंद्र के खाते में दो लाख, रोहित सिंह के खाते में 20 हजार, मयंक सिंह के खाते में 8 लाख, अतुल सिंह के खाते में दो लाख, अभिनव चौहान के खाते में 40 हजार, सूरज सिंह के खाते में डेढ़ लाख, धर्मेश कुमार के खाते में 3 लाख, अभिषेक गुप्ता के खाते में 20 हजार जमा कराये गए। इसके अलावा 20.80 लाख रुपये अमर सिंह राठौर ने नकदी लिए थे।
नगर पालिका रेवाड़ी में ठेका दिलाने के नाम पर की ठगी
आरोप है कि अमर सिंह राठौर ने नगर पालिका रेवाड़ी व पटौदी, महेन्द्रगढ व नारनौड़ में डोर-टू-डोर सॉलिड बेस्ट का ठेका व युवकों को नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। इसके बाद वहां से लाखों रुपये की ठगी कर भाग गया। पीड़ितों ने जब मोबाइल पर कॉल कर बात की तो अमर सिंह ने खुद को भाजपा किसान मोर्चा का बड़ा नेता बताया और धमकी दी। युवकों का आरोप है कि उनके व्हाट्सएप पर कई फोटो भेजे जिसमें भाजपा के बड़े नेताओं के साथ उसकी तस्वीर थी। उसे तलाशते हुए इटौंजा के अटेसुवा के प्रधान से संपर्क किया और फिर घर पहुंचे। रुपये की मांग की तो धमकी दी।
आरोपी की तलाश करते पीड़ित पहुंचे इटौंजा
देवेंद्र के मुताबिक इटौंजा के अटेसुवा गांव के प्रधान से किसी तरह संपर्क किया गया। जिसके बाद अमर सिंह राठौर के घर पहुंचे। वहां उसने रुपये वापस करने के बजाए गालियां दी और जान से मारने की धमकी दे दी। पीड़ितों का आरोप है कि इसके बाद व इटौंजा थाने पहुंचे। जहां पीड़ितों की सुनवाई नहीं हुई। प्रभारी निरीक्षक ने मुकदमा दर्ज करने से इंकार कर दिया। कई दिनों तक थाने केचक्कर लगाये। इसके बाद क्षेत्राधिकारी बीकेटी के कार्यालय पहुंचे। जहां तहरीर दी। जिस पर सीओ ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। फिर अमर सिंह राठौर, प्रीति सिंह, मयंक सिंह, कुलदीप सिंह और अतुल सिंह को ठगी का नामजद आरोपी बनाया गया। इसके अलावा कई अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।