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पंचायती राज विभाग: फर्जी हस्ताक्षर कर जारी किया नियुक्ति पत्र, गिरफ्तार

Fri, 15 Nov 2019 05:57 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
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पंचायती राज विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले को अलीगंज पुलिस ने गिरफ्तार किया है। विभाग में ही संविदा पर तैनात कर्मी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर रहा था। युवक ने पहले नौकरी के नाम पर पीड़ित से 5000 रुपए वसूले। उसके बाद पंचायतीराज विभाग के निदेशक का फर्जी हस्ताक्षर कर नियुक्ति पत्र तैयार कर डाला।

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नियुक्ति के बाद आरोपी एक लाख पैंतालीस हजार रुपए की वसूली की फिराक में था। अलीगंज पुलिस ने गिरफ्तार कर उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। आरोपी अमृतराज सिंह उर्फ समीर बीते तीन वर्षों से पंचायती राज विभाग अलीगंज में संविदा पर कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर तैनात था।

एनएनपी स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण उत्तर प्रदेश राजेश कुमार दुबे ने 12 नवंबर को अलीगंज पुलिस को सूचना दी थी कि सौरभ श्रीवास्तव निवासी सुरियांवा दन्नूपुर जिला संतकबीरनगर भदोही द्वारा संबोधित निदेशक पंचायती राज डॉ. बृह्मदेवराम तिवारी के फर्जी कूटरचित हस्ताक्षरित पत्र स्पीड पोस्ट के माध्यम से 20 सितंबर को लाहिया भवन अलीगंज में निदेशक के कार्यालय पर प्राप्त हुआ।
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जिसमें सौरभ श्रीवास्तव को पंचायती राज निदेशालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नियुक्ति संबंधित पत्र जारी किया गया है। जबकि विश्व बैंक सहायतित नीर निर्मल परियोजना से स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत पंचायती राज निदेशालय में इस प्रकार का न तो कोई पद रिक्त है और न ही उच्चाधिकारियों द्वारा नियुक्ति के संबंध में कोई कार्यवाही की जा रही है।

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दो साथी भी थे शामिल

उन्होंने विभाग में ही स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) पंचायती राज निदेशालय में संविदा के आधार पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर अमृतराज सिंह उर्फ समीर पर इस फर्जीवाड़े का आरोप लगाया था। पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी को गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में केस कर जेल भेज दिया।

आरोपी ने फर्जी नियुक्तिपत्र भेजने की बात स्वीकार की। उसने बताया कि इस काम में उसके दो साथी अखंड तिवारी व दिलीप दलाल भी शामिल हैं। पीड़ित सौरभ ने अखंड के ही कहने पर दिलीप के खाते में 5000 रुपए भेजे थे।  बाकी एक लाख पैंतालीस हजार रुपए नियुक्ति पत्र मिलने के बाद देने की बात हुई थी।

आरोपी ने बताया कि उसी ने नियुक्ति पत्र कंप्यूटर से टाइप कर के निदेशक पंचायती राज के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर जारी किया था। आरोपी जिला बलिया का रहने वाला है, वह फिलहाल अपनी मां व बहन के साथ विराटखंड गोमतीनगर में रहता था। आरोपी के पास से एसबीआई की चेकबुक, 3 मोबाइल फोन, एक बाइक व अन्य सामान बरामद हुआ है।
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