उन्होंने विभाग में ही स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) पंचायती राज निदेशालय में संविदा के आधार पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर अमृतराज सिंह उर्फ समीर पर इस फर्जीवाड़े का आरोप लगाया था। पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी को गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में केस कर जेल भेज दिया।
आरोपी ने फर्जी नियुक्तिपत्र भेजने की बात स्वीकार की। उसने बताया कि इस काम में उसके दो साथी अखंड तिवारी व दिलीप दलाल भी शामिल हैं। पीड़ित सौरभ ने अखंड के ही कहने पर दिलीप के खाते में 5000 रुपए भेजे थे। बाकी एक लाख पैंतालीस हजार रुपए नियुक्ति पत्र मिलने के बाद देने की बात हुई थी।
आरोपी ने बताया कि उसी ने नियुक्ति पत्र कंप्यूटर से टाइप कर के निदेशक पंचायती राज के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर जारी किया था। आरोपी जिला बलिया का रहने वाला है, वह फिलहाल अपनी मां व बहन के साथ विराटखंड गोमतीनगर में रहता था। आरोपी के पास से एसबीआई की चेकबुक, 3 मोबाइल फोन, एक बाइक व अन्य सामान बरामद हुआ है।