- पीड़ितों ने पीजीआई, हजरतगंज और आशियाना थाने में दर्ज कराया केस
संवाद न्यूज एजेंसी
लखनऊ। साइबर ठगों ने रिटायर्ड दरोगा समेत दो अन्य लोगों से पेंशन, मदद और मछली पालन के नाम पर 7.31 लाख ठग लिए। पीड़ितों ने पीजीआई, हजरतगंज और आशियाना थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
पीजीआई के साउथ सिटी निवासी रिटायर्ड दरोगा ज्ञानेंद्र कुमार शुक्ला के मुताबिक पांच जुलाई को सुबह उनके पास कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को ट्रेजरी विभाग का कर्मी बताया। उसने कहा कि पेंशन बननी है इसलिए एक मोबाइल पर एक लिंक भेजा गया। लिंक खोल कर फार्म में अपने बैंक खाते समेत अन्य जानकारियां भर कर मेसेज फारवड कर दें। ज्ञानेंद्र ने ऐसा ही कर दिया। कुछ देर बाद सुबह 11:24 बजे उनके खाते से 4.16 लाख रुपये निकल गए। इंस्पेक्टर धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जिस नंबर से ज्ञानेंद्र को कॉल आई थी। उसकी डिटेल निकाली जा रही है।
उधर, सिपाही अजय कुमार के मुताबिक वह लखनऊ पुलिस हेड क्वार्टर में तैनात हैं। एक जुलाई को दोपहर डेढ़ बजे वह काम कर रहे थे। तभी उन्हें एक कॉल आई। जालसाज ने उनके दोस्त पंकज की आवाज में बात करते हुए कहा कि वह मलेशिया में है और उसका पासपोर्ट ब्लॉक हो गया है। अनब्लॉक करने के लिए एजेंट को 65 हजार रुपये चाहिए। इस पर अजय ने ठगे के भेजे गए खाते में 65 हजार ट्रांसफर कर दिए। बाद में पीड़ित को ठगी की जानकारी हुई। इंस्पेक्टर विक्रम सिंह के मुताबिक केस दर्ज किया गया है।
वहीं, आशियाना सेक्टर आई निवासी मछली पालन करने वाले शेषनाथ सिंह को 2023 में ठगों ने सोशल मीडिया के जरिये मछली और उसके बच्चे सप्लाई करने का झांसा दिया। इसके बाद उनसे माल के बदले 2.50 लाख हड़प लिए। पीड़ित ने एसीपी कृष्णानगर से शिकायत की। इंस्पेक्टर छत्रपाल के मुताबिक मामले की तफ्तीश की जा रही है।