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कमलेश तिवारी हत्याकांड: प्रभारी सीजेएम के घर पेश किए गए आरोपी, तीन दिन की रिमांड पर भेजा

Wed, 23 Oct 2019 03:17 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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आरोपियों को लखनऊ लाया गया - फोटो : ANI
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हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड से जुड़े आरोपियों को मंगलवार देर शाम प्रभारी सीजेएम के घर पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।इस अवधि में पुलिस मौलाना मोहसिन, राशिद पठान ओर फैजान से पूछताछ करेगी।

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इसके पहले एक अन्य आरोपी आसिम को गिरफ्तार कर एटीएस लखनऊ ले आई और उससे गहन पूछताछ की गई। मामले में अब तक कई अहम साक्ष्य इकट्ठे किए जा चुके हैं और संबंधित गवाहों के भी बयान लिए जा चुके हैं।

बताया जा रहा है कि मामले में 200 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। वहीं, फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए अलग-अलग टीमें कार्रवाई में लगी हुई हैं। हत्याकांड के संदिग्ध हत्यारे रविवार रात शाहजहांपुर में दिखाई दिए थे। मगर दो दिन चली कार्रवाई और खोजबीन के दौरान संदिग्ध हत्यारों का कुछ पता नहीं चला। इससे लखनऊ एसटीएफ को टीम को बैरंग लौटना पड़ा।
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हत्या के दो संदिग्ध युवक लखीमपुर जिले के पलिया से इनोवा गाड़ी बुक कराकर रविवार आधी रात करीब 12 बजे शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। संदिग्धों के यहां होने का पता चलने के बाद उसी रात करीब दो बजे लखनऊ एसटीएफ भी शाहजहांपुर पहुंच गई थी।

एसटीएफ ने उस इनोवा गाड़ी के ड्राइवर को हिरासत में ले रखा है, जिससे संदिग्ध कातिल शाहजहांपुर तक आए थे। पूछताछ के दौरान ड्राइवर ने बताया कि संदिग्ध कातिलों ने इनोवा गाड़ी स्टेशन के सामने मेन गेट के पास छोड़ दी थी।

इसके बाद पैदल रोडवेज की तरफ को गए। एसटीएफ रेलवे स्टेशन रोड स्थित होटल पैराडाइज गई वहां रोड की तरफ लगे कैमरे की सीसीटीवी फुटेज देखी। सीसीटीवी फुटेज में 12:02 बजे दोनों संदिग्ध युवक पैदल जाते दिखाई दिए।

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दिन भर चला कार्रवाई और तलाशी अभियान

एसटीएफ के स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करने पर कई थानों की पुलिस स्टेशन रोड पर बुला ली गई थी। स्थानीय खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हो गईं। सोमवार को दिन भर शहर के होटलों और मदरसों के मुसाफिर खाने में छापे की कार्रवाई और तलाशी अभियान चला।

एसटीएफ ने पुलिस के सहयोग से स्टेशन, रोडवेज व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगे खुफिया कैमरों के सीसीटीवी फुटेज देखी। मंगलवार को भी कई होटलों और मदरसों के मुसाफिरखाना में तलाशी की गई, लेकिन संदिग्ध युवकों का फिर भी कुछ पता नहीं चला। आखिर में एसटीफ को बैरंग लौटना पड़ा।

एसटीएफ जाने के बाद संदिग्धों पर नजर रखने के लिए खुफिया एजेंसियों और पुलिस को लगाया गया है। कुछ पुलिस वाले सादा कपड़ों में होटलों और सार्वजनिक स्थानों पर आने जाने वालों पर नजर बनाए हुए हैं।
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