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एक ही दिन चार आत्महत्याओं से थर्रा उठा लखनऊ

Tue, 23 Jun 2015 07:41 PM IST
टीम/डिजिटल, लखनऊ
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आत्महत्या की सबसे सनसनीखेज घटना मंगलवार की सुबह गोमती नगर क्षेत्र में हुई। मथुरा से 2009 में रिटायर्ड एक पूर्व अपर जज ने खुद को गोली से उड़ा लिया। मृत्यु की वजह साफ नहीं हो पाई है लेकिन पुलिस अधिकारियों को दिए गए बयान में मृतक की पत्नी के अनुसार डिप्रेशन और लगातार बीमार रहना ही आत्महत्या की वजह हो सकता है।
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2009 में मथुरा से रिटायर्ड होने वाले जिला जज राम भजन लाल लखनऊ में गोमती विस्तार इलाके में अपनी पत्नी राजेश कुमारी के साथ रहते थे। मंगलवार की सुबह करीब 6 बजे जब उनकी पत्नी दूसरी कमरे में थीं तब उन्होंने अपनी निजी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। जब तक उनकी पत्नी उन तक पहुंचती तब तक राम भजन की जान जा चुकी थी।

पुलिस ने उनकी पत्नी से राम भजन के बारे में जो कुछ जानकारी जुटायीं उसके अनुसार राम भजन नियमित रुप से और ज्यादा मात्रा में शराब पीते थे। शुगर और फेफडों की बड़ी बीमारियों के अलावा वह कई छोटी-छोटी बीमारियों के भी शिकार थे। बीमारी की वजह से वह लगातार अवसाद की हालत में रहते थे।
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उनका एकलौता लड़का शंशाक कुमार हाइकोर्ट में एडवोकेट की प्रैक्टिस करता है और एकमात्र बेटी का विवाह दिल्ली में हो गया है।

एकतरफा प्रेम में प्रेमी ने दी जान

आत्महत्या का दूसरा मामला लखनऊ के महानगर क्षेत्र में घटित हुआ। एकतरफा प्यार में पड़े एक युवक ने शादी को लेकर लड़की के इंकार के बाद खुद को गोली मार ली। यह घटना सुबह करीब 10 बजे घटी।

शहर के महानगर इलाके में रहने वाले 26 साल के अमर कश्यप ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। सीओ महानगर राजेश कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक यह आत्महत्या एकतरफा प्यार की वजह से हुई।

अमर सुल्तानपुर में रहने वाली एक लड़की से एकतरफा प्यार करता था। वह उससे शादी करना चाहता था। इस बारे में वह उससे कई बार फोन में बात कर चुका था।

सोमवार की रात को जब उसने लड़की को फोन किया तो उसने उसे धमकी दी कि यदि वह शादी के लिए तैयार नहीं हुई तो वह आत्महत्या कर लेगा। इसके बाद फोन कट गया।

मंगलवार की सुबह जब उस लड़की ने उसे फोन किया तो फोन नहीं उठा। लड़की ने उसके पड़ोस में रहने वाले एक उसके परिवारजनों को इस बारे में बताया।

जब परिवारजन किसी तरह से गेट खोलकर कमरे के अंदर दाखिल हुए तो उन्हें अमर की लाश मिली। अमर के सीने पर गोली लगी मिली और पूरा कमरे में खून तैर रहा था। परिवारजनों ने फोन करके पुलिस को बुलाया।

युवक ने फंदे से लटककर दी जान

आत्महत्या के तीसरे मामले में आलमबाग क्षेत्र में मंगलवार सुबह युवक  का शव उसके कमरे में फंदे के सहारे लटका मिला। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने फंदे से उतारकर शव पोस्टमार्टम को भेजा है। पुलिस ने बताया मृतक रोडवेज में लगने वाली अनुबंधित बसों की देखरेख का काम करता था। वहीं पिता ने मामले की जांच की मांग किया है।

पुलिस के मुताबिक, मूल रूप से कन्नौज के तिरवां गांव निवासी मनोज श्रीवास्तव (34) बीते चाल साल से आलमबाग के सुजानपुरा में खन्नी के मकान में किराए से रहता था। मनोज विकासनगर निवासी एसपी की रोडवेज में लगी अनुबंधित बसों की देखरेख का काम करता था।

मंगलवार सुबह बस चालक उत्तम डीजल डलवाने के लिए रुपए लेने मनोज पास आया था। कई आवाज लगाई मगर आहट न मिलने पर खिड़की से झांककर देखा तो उसके होश उड़ गए। सूचना पाकर पहुंची पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई।

पुलिस को कमरे में छानबीन दौरान कुछ सुराग हाथ नहीं लगा। वहीं जानकारी पर पहुंचे पिता मुकुल बिहारी ने जांच की मांग की है। पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी है।

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रेलकर्मी ने कुएं में छलांग लगाकर दी जान

निगोहां क्षेत्र में सोमवार देर रात बीमारी से तंग आकर रिटायर्ड रेलकर्मी ने कुएं में छलांग लगाकर जान दे दी। सुबह परिवारवाले उठे तो देखा वह गायब थे।

इसी बीच लोगों ने कुएं में झांका तो देखा वह उतरा रहे थे। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने छानबीन की। पुलिस ने कुएं से शव निकलवाकर पोस्टमार्टम को भेजा है। वहीं परिवारवालों ने बीमारी से तंग आकर जान देने की बात कही है।

पुलिस के मुताबिक, निगोहां के जवाहरखेड़ा गांव निवासी रिटायर्ड रेलकर्मी बद्री प्रसाद यादव (65) बीते कई माह से किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। कई जगह पर इलाज कराया मगर कोई फायदा न हुआ। इसके चलते वह डिप्रेशन में थे।

सोमवार रात नाती रामगोपाल ने उन्हें खाना खिलाया। इसके बाद दोनों कमरे में बैठकर टीवी देखी। देर रात वह अपने कमरे से बाहर निकलकर पड़ोस में बने कुएं में छलांग लगा दी। सुबह बेटी ललिता सोकर उठी तो देखा पिता गायब थे। काफी देर तक वापस न लौटने पर उनकी तलाश शुरू की।

इसी बीच किसी की नजर कुएं के अंदर उतराते उनके शव पर पड़ी। इससे वहां पर हड़कंप मच गया। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया। दामाद महेंद्र का कहना है कि बीमारी से तंग आकर ससुर ने जान दी है। मृतक की तीन बेटियां सीता, गीता व ललिता हैं। पिता की मौत बाद उनका रो-रोकर बुरा हाल था।
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