लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्राओं के साथ मारपीट और छेड़छाड़ की घटना को अंजाम देने वाले चार आरोपी छात्रों को निलंबित कर दिया गया है। इन सभी का छात्रावास आवंटन निरस्त करते हुए इनसे समस्त छात्रोचित सुविधाएं छीन ली गई हैं। इसके साथ इनका विवि के दोनों परिसरों में आना जाना भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।
लविवि के मुख्य परिसर के चीफ प्रॉक्टर प्रो. राकेश द्विवेदी ने मंगलवार इन छात्रों के निलंबन का आदेश जारी कर जानकारी दी। मालूम हो कि जानकीपुरम स्थित न्यू कैंपस में 7 दिसम्बर को देर शाम नशे में धुत युवकों ने लावण्या छात्रावास में रहने वाली बीटेक की छात्राओं के साथ मारपीट की थी।
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इस पर एक छात्र ने बीच बचाव किया तो उसकी भी पिटाई कर दी गई थी। जब तक घटना विश्वविद्यालय प्रशासन को पता चलती आरोपी छात्र विश्वविद्यालय से भाग गए थे। इस पर पीड़ित छात्राओं ने कुलानुशासक से लिखित शिकायत की थी जिसमें रैगिंग का जिक्र भी किया गया था।
अब करीब आठ दिनों बाद प्राक्टोरियल बोर्ड ने कार्रवाई करते हुए सभी को निलंबित कर दिया है। कुलानुशासक कार्यालय की ओर से जारी पत्र में आरोपी छात्रों को लिखित अथवा स्वयं उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा गया है। ऐसा न करने पर माना जाएगा कि उन्हें अपने बचाव में कुछ नहीं कहना है।
इन छात्रों का किया गया निलंबन
जिन छात्रों पर निलंबन की कार्रवाई की गई है उसमें से तीन छात्र अमन यादव, प्रशांत यादव व किशन सिंह बीफार्मा कोर्स के विद्यार्थी हैं। वहीं, एक अन्य छात्र अमरेंद्र सिंह एलएलबी पांच वर्षीय कोर्स का विद्यार्थी है।