लखनऊ। केजीएमयू में न्यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रो. राजेश वर्मा के मुताबिक टीबी के कुल मरीजों में चार फीसदी को ब्रेन टीबी की समस्या है। इसमें टीबी का बैक्टीरिया रोगी के दिमाग में चला जाता है। प्रो. वर्मा सोमवार को विश्व टीबी दिवस पर हुई जागरूकता गोष्ठी में बोल रहे थे।
प्रो. वर्मा ने बताया कि मरीज ब्रेन टीबी के लक्षणों को शुरुआत में नजरअंदाज करते हैं। इससे मर्ज ठीक होने की गुंजाइश कम हो जाती है। उन्होंने बताया कि ब्रेन में टीबी सेंट्रल नर्वस सिस्टम (सीएनएस) को प्रभावित करती है। इससे मरीज को सिरदर्द, उल्टी और स्ट्रोक की समस्या होती है। कई बार रोगी को एक वस्तु दो-दो नजर आती हैं। पूरे इलाज और पोषण से इसे हराया जा सकता है।