रंजीतखेड़ा गांव के पास अवैध शराब का अड्डा है। यहां से सोमवार देर रात चार लोग छोटी नाव पर सवार होकर जा रहे थे। सभी अचानक नदी में कूद पड़े। तीन लोग तैरकर पार निकले, जबकि धीरज सिंह (72) की डूबने से मौत हो गई।
आसपास के इलाके में चर्चा है कि पुलिस को देखने के बाद चारों लोग नदी में कूदे थे। हालांकि पुलिस का दावा है कि चारों नाव से नदी के दूसरी ओर शराब लेने जा रहे थे। पुलिस ने एसडीआरएफ और गोताखोरों की मदद से बुजुर्ग का शव निकलवाकर पोस्टमार्टम कराने भेजवाया। तीन थाने की पुलिस की मौजूदगी में मंगलवार देर शाम बुजुर्ग के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
प्रभारी निरीक्षक जगदीश पांडेय के मुताबिक, घटना रंजीतखेड़ा के आगे सई किनारे मिलन घाट की है। दयालपुर निवासी धीरज सिंह अपने पोते अजय सिंह के साथ सोमवार शाम भंवरेश्वर मंदिर से वापस लौट रहे थे। तभी वह मिलन घाट पर रुक थे। वहां पर पहले से ही कुछ लोग मौजूद थे। जो इनके मिलने वाले थे। धीरज भी उन परिचितों के साथ बैठ गए। जिस स्थान पर यह घटना हुई, वहां पर शराब का बड़ा अवैध करोबार होता है।
बताया जा रहा है कि यह लोग नदी के इस किनारे से दूसरी सिरे पर बिक रही शराब पीने छोटी नाव (घन्नई) से जा रहे थे। चर्चा यह भी है कि उसी दौरान मौके पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस को देखते ही डर के मारे यह सभी लोग नदी में कूद गए।
नदी का बहाव तेज होने से धीरज सिंह उसी में डूब गया, जबकि अन्य तीन साथी तैरकर निकले और भाग गए। ग्रामीणों की सूचना पर निगोहां, गोसाईंगंज और नगराम पुलिस के साथ क्षेत्राधिकारी मोहनलालगंज राजकुमार शुक्ल मौके पर पहुंचे। प्रभारी निरीक्षक निगोहां जगदीश पांडेय ने बताया कि भागे लोगों की शिनाख्त नहीं हो पाई है।