प्रदेश के चार नए जिलों में भी कुछ ही दिनों में वाहनों का अस्थायी पंजीकरण होने लग जाएगा।
सरकार इसके लिए उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली 1988 में संशोधन करने जा रही है।
इसके बाद हापुड़, शामली, संभल और अमेठी जिले में भी वाहनों का अस्थायी पंजीकरण नंबर मिल जाएगा।
परिवहन विभाग ने यह प्रस्ताव तैयार कर लिया है। शीघ्र ही इसे कैबिनेट में लाया जाएगा।
वहां से नियमावली संशोधन को हरी झंडी मिलने के बाद इन चारों जिलों में वाहनों के अस्थायी पंजीकरण की व्यवस्था शुरू हो जाएगी।
इन चार जिलों के शामिल हो जाने के बाद अस्थायी पंजीकरण के लिए जिले को पहले से आवंटित अक्षरों की सीरीज भी बदल जाएगी। चारों ही जिले अंग्रेजी वर्णमाला के हिसाब से सूची में क्रमानुसार शामिल किए जाएंगे।
गौरतलब है, प्रदेश में 75 जिले हैं लेकिन उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली में अभी 71 जिले शामिल हैं।
ये चार नए जिले ऐसे हैं जहां से अभी वाहनों के अस्थायी नंबर नहीं मिल पाते। इस कारण इन जिलों में जो वाहन बिकते हैं उनमें दूसरे जिले का अस्थायी पंजीकरण नंबर लिया जाता है।
इसे देखते हुए सरकार अब इन चारों जिलों को मोटरयान नियमावली में संशोधन कर शामिल करने जा रही है।
क्या होते हैं अस्थायी नंबर
कोई भी वाहन शो-रूम से तभी निकलते हैं जब उनमें अस्थायी पंजीकरण नंबर पड़ जाता है। यह भी आरटीओ से जारी होते हैं। इसे शो-रूम संचालक खुद ही लेते हैं।
इस नंबर के बाद ही वाहन स्वामी स्थायी नंबर के लिए आरटीओ कार्यालय में आवेदन करते हैं। कई बार जब जिले में कोई विशेष वाहन खरीदने के लिए लंबी प्रतीक्षा सूची होती है तो लोग दूसरे जिलों से वाहन खरीद लेते हैं।
अस्थायी नंबर लेने के बाद अपने जिले में आकर स्थायी नंबर के लिए आवेदन कर देते हैं। अभी अस्थायी नंबर की सीरीज यूबीए (आगरा) से लेकर यूडीजेड (वाराणसी) तक है। चार जिले जुड़ने के बाद यह क्रम बदल जाएगा।
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