लखनऊ। उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाइज काॅर्पोरेशन की ओर से खरीदी गईं चार दवाएं गुणवत्ता जांच में मानकों पर खरी नहीं उतरीं। इनमें एथैम्सिलेट 500 एमजी, इबुप्रोफेन, सिप्रोफ्लॉक्सासिन हाइड्रोक्लोराइड 500 एमजी और क्लोट्रिमेजोल शामिल हैं। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद कॉरपोरेशन ने दवाओं को ड्रग वेयरहाउस से वापस मंगाने के निर्देश दिए हैं। संबंधित कंपनियों को तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट भी किया गया है।
काॅर्पोरेशन सरकारी अस्पतालों के लिए दवाएं खरीदकर प्रदेश के अलग-अलग ड्रग वेयरहाउस में भेजता है। अस्पतालों में आपूर्ति से पहले कराई गई जांच में दवाएं फेल मिलीं। मेरठ की डैफोडिल्स फार्मास्यूटिकल्स की एथैम्सिलेट और इबुप्रोफेन गुणवत्ता जांच में फेल हुईं। एथैम्सिलेट बैच नंबर डीटीडी-034, डीटीडी 078, डीटीडी 075 जांच में फेल हो गई है। जबकि इबुप्रोफेन की जांच में कंपनी के बैच नंबर डीटीएफ 226 और डीटीएफ 227 मानकों पर खरे नहीं उतरे। मध्यप्रदेश की सुपर फामुलेशन की क्लोट्रिमेजोल और राजस्थान की विवेक फार्माकेम इंडिया की सिप्रोफ्लॉक्सासिन भी मानकों पर खरी नहीं उतरी। सिप्रोफ्लॉक्सासिन के 16 बैच फेल हुए हैं। फिलहाल ड्रग वेयरहाउस से दवाएं वापस लौटाने के आदेश दिए गए हैं।