- चचेरी सास को तीन साल की कैद
लखनऊ। दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता प्रीति गोस्वामी का गर्भपात कराने के 14 साल पुराने मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। एडीजे आशुतोष कुमार सिंह ने विवाहिता के पति नीरज गोस्वामी, ससुर विनोद कुमार गोस्वामी, सास प्रमिला गोस्वामी और देवर अमित कुमार गोस्वामी को 10 साल की कैद और 48 हजार के जुर्माने से दंडित किया है। इसके अलावा चचेरी सास शकुंतला गोस्वामी को तीन साल की कैद और 13 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है।
मामले की रिपोर्ट पीड़िता प्रीति गोस्वामी ने 12 जुलाई 2010 को महिला थाने में दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि वह प्राइवेट कंपनी में टीम डेवलपर के पद पर काम करती हैं। उनकी शादी 20 फरवरी 2009 को नीरज से हुई थी। पति, सास, ससुर व देवर ने 2009 में जबरन उनका गर्भपात करा दिया था। अप्रैल 2010 में दोबारा गर्भवती होने पर उसे मारा पीटा गया था। (संवाद)