बायें से आरोपी विनोद, विक्की अस्थाना, मो. फिरोज व अखिलेश कुमार।
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शातिर कर्मचारियों ने साठगांठ कर अपने रिश्तेदारों, पान वाले व रिक्शेवालों के मोबाइल नंबर पर ओटीपी हासिल करते। बिना पेटीएम के खरीदारी करने वालों का आर्डर एप के जरिए बुक कर बड़े सामानों पर 10 प्रतिशत का कैश बैक हासिल कर लेते। यही नहीं एमआरपी से ज्यादा की कीमत दिखा ज्यादा कैशबैक ले लिया गया। एसटीएफ ने उन पेटीएम वॉलेट का ब्यौरा मांगा है जिनमें पैसा ट्रांसफर किया गया। एमआरपी से अधिक पर बेचे गए सामानों के बारे में भी जवाब तलब किया है।