राजधानी लखनऊ के राजाजीपुरम के सी-ब्लॉक में शुक्रवार रात करीब दो बजे झोपड़ी में आग लगने से महिला अपने एक बेटे व दो बेटियों के साथ जिंदा जल गई। वह अपने बच्चों के साथ घर में सो रही थी।
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उनकी मौत का पता तब चला जब महिला का पति दो बेटों के साथ शादी समारोह में कैटरिंग का काम करके देर रात लौटा। मलबे में चारों के बुरी तरह जले हुए शव मिले।
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तालकटोरा पुलिस के मुताबिक सी-ब्लॉक स्थित कूड़ाघर के पास छह झोपड़ियां थीं। इनमें बाराबंकी के प्रेम सागर तिवारी समेत छह परिवार रहते थे। प्रेमसागर बेटे शिवकुमार व महेश के साथ इंदिरानगर शादी समारोह में गए थे।
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घर पर पत्नी रत्ना (45), बेटियां सोनी उर्फ प्रियंका (13), प्रिया उर्फ बबली (11) व बेटा सुधीर (8) था। रात करीब दो बजे उसकी झोपड़ी से भड़की आग ने आसपास की झोपड़ियों को चपेट में ले लिया।
पड़ोस की झोपड़ी में रहने वाली महिलाएं शोर मचाती हुई बाहर निकलीं। चीख-पुकार सुनकर अन्य लोग भी बाहर निकले। एक राहगीर ने फोन कर पुलिस व फायर स्टेशन को सूचना दी। मौके पर पहुंची दमकल की दो गाड़ियों ने आधे घंटे में आग पर काबू पाया। जिला प्रशासन की तरफ से चार लोगों की मौत पर दो दो लाख की त्वरित मदद राशि देने का ऐलान किया है। इसके साथ ही आग में जल पांच अन्य पीड़ित परिवारों को भी दस दस हजार की मदद राशि के साथ स्थायी आवास के लिए डूडा द्वारा संचालित आसरा योजना में शीघ्र मकान आवंटित करा देगा। हादसे की जानकारी के बाद घटना स्थल पर बचाव व राहत कार्यों का जायजा लेने पहुंचे जिलाधिकारी सत्येंद्र सिंह ने पीड़ितों को फौरी तौर पर तत्काल मदद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कंबल वितरण के साथ ही प्रत्येक पीड़ित परिवारों को मुफ्त अनाज उपलब्ध कराते हुए 25 किग्रा चावल, गेहूं के जरूरत के हिसाब से चीनी, केरोसीन व नमक का वितरण भी जिला आपूर्ति अधिकारी के माध्यम से सुनिश्चित कराया।