लखनऊ। दुबग्गा डिपो के चार संविदा परिचालकों ने सोमवार सुबह आत्मदाह का प्रयास किया। उन्होंने गोल्फ क्लब चौराहे के पास खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डाल लिया। वहां पहले से मौजूद आत्मदाही निरोधक टीम ने उन्हें पकड़ लिया।
एसीपी हजरतगंज विकास जायसवाल ने बताया कि यह घटना सुबह करीब 11:40 बजे हुई। संविदा परिचालक मुकेश सैनी, ज्ञानेंद्र रावत, नितिन श्रीवास्तव और अभिषेक सिंह निजी आउटसोर्सिंग व्यवस्था का विरोध कर रहे थे। वे लंबित वेतन भुगतान और कर्मचारियों के उत्पीड़न का भी विरोध कर रहे थे। नारेबाजी करते हुए उन्होंने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डाल लिया था। आत्मदाही निरोधक टीम ने उन्हें घेरकर पकड़ा। गाैतमपल्ली पुलिस चारों को थाने ले गई और उनके खिलाफ शांतिभंग के तहत कार्रवाई की।
घटना का वीडियो बनाने वाले की तलाश
एसीपी ने बताया कि तीनों संविदा परिचालकों के खिलाफ गौतमपल्ली थाने में सरकारी कार्य में बाधा, आत्मदाह के प्रयास समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस घटना में शामिल अन्य लोगों की छानबीन कर रही है। एक साथी वीडियो बना रहा था, जिसकी पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
प्रदर्शन करने वाले आठ संविदा कर्मियों के खिलाफ एफआईआर
दुबग्गा डिपो पर 29 मई को प्रदर्शन करने वाले आठ संविदा परिचालकों व चालकों पर एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई वरिष्ठ केंद्र प्रभारी सिद्धेश्वर सिंह की तहरीर पर हुई।
इंस्पेक्टर दुबग्गा श्रीकांत राय ने बताया कि 30 मई को मिली तहरीर के आधार पर संविदा परचिालक व चालक प्रवेंद्र कुमार, सूरज सैनी, विष्णु कुमार, शुभम पटेल, प्रभात कुमार मौर्य, शशिकांत तिवारी, अभिषेक सिंह और महेंद्र सिंह पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कार्य बहिष्कार और जाम से बसों का संचालन बाधित हुआ। इससे सरकारी राजस्व की हानि भी हुई। लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड अत्यावश्यक सेवाओं में आता है। यहां हड़ताल पूरी तरह प्रतिबंधित है।
आत्मदाह का प्रयास करते संविदा परिचालक।
आत्मदाह का प्रयास करते संविदा परिचालक।