लखनऊ। किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने देश भर में एक जून से खेत बचाओ अभियान की शुरुआत की है। हालांकि 30 जून तक चलने वाला अभियान लखनऊ में पहले दिन शुरू नहीं हो पाया है। यहां अभियान कृषि निदेशालय के दिशानिर्देशों के इंतजार में है।
अभियान के तहत कृषि वैज्ञानिक और कृषि अधिकारी ग्राम पंचायतों तक पहुंचकर किसानों को मिट्टी की सेहत की जांच और उर्वरकों के कम इस्तेमाल के प्रति जागरूक करेंगे। इसका उद्देश्य खेतों में हरी खाद, जैविक खेती और बायो उत्पादों को इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। पंचायत स्तर पर कृषि यंत्रों का वितरण और किसानों को सम्मान निधि और क्रेडिट कार्ड से भी जोड़ा जाएगा। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक लखनऊ के ग्रामीण इलाकों में मिट्टी की उर्वरा शक्ति धीरे धीरे कम होती जा रही है। ऐसे में यह अभियान मिट्टी और किसानों की सेहत के लिए मददगार साबित होगा।
पोषक तत्वों के घटने से कम हो रही आम की मिठास
कृषि वैज्ञानिक डॉ सत्येंद्र कुमार सिंह बताते हैं कि मिट्टी में पोषक तत्व कम हो रहे हैं। यही कारण है कि आम के बागों के फलों की मिठास भी कम हो रही है। कभी बख्शी का तालाब मीठे फलों के लिए प्रदेश भर में प्रसिद्ध था। यहां का खरबूजा और अमरूद देश भर में जाना जाता था लेकिन लगातार मिट्टी की सेहत दूषित होने से खरबूजे का उत्पादन 2 प्रतिशत से भी कम रह गया है। राजधानी का एक प्रतिशत किसान हरी खाद की भी बुवाई नहीं करता जिससे माटी की सुगंध खत्म होती जा रही है।
जिला कृषि अधिकारी तेग बहादुर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से अधिसूचना आई है लेकिन हम लोगों को अभी निदेशालय से कोई गाइडलाइंस नहीं मिली हैं। कौन नोडल होगा, किसके नेतृत्व में अभियान चलेगा इसकी कोई जानकारी नहीं है। सारी जानकारी और निर्देश मिलने के बाद अभियान की शुरुआत की जाएगी।