उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को बड़ी राहत दी है। अदालत ने उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे को समाप्त कर दिया है। कोर्ट ने यह आदेश मुकदमे को वापस लेने की राज्य सरकार की अर्जी पर दिया।
याची के विरुद्ध गोंडा जिले की नगर कोतवाली में वर्ष 2014 में आईपीसी की धारा 188 व 341 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। उन पर आरोप था कि उन्होंने सीआरपीसी की धारा 144 का उल्लंघन करते हुए, लोक सेवक के घोषित आदेश की अवहेलना की व सदोष अवरोध (बाधा) उत्पन्न किया।
पूर्व सांसद ने आरोप पत्र व समन आदेश को पहले भी हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इस पर 20 अगस्त 2022 को हाईकोर्ट ने लोक सेवक के आदेश की अवहेलना के आरोप को निरस्त कर दिया था। साथ ही निचली अदालत को आदेश दिया था कि यदि याची अपराध स्वीकार करता है तो उसे कारावास की सजा देने के बजाय, सिर्फ जुर्माना लगा के कार्रवाई को समाप्त कर दिया जाए।