राम नाईक ने कहा कि वे अपनी पुस्तक चरैवेति-चरैवेति के पहले संस्करण के बाद अब उत्तर प्रदेश में अपने पांच साल के कार्यकाल के संस्मरणों पर चरैवेति-चरैवेति-2 लिख रहे हैं। इसके लिए उन्होंने लोगों से संस्मरण देने को कहा है।
नाईक ने श्याम कुमार से पहली मुलाकात का जिक्र करते हुए बताया कि अन्य किसी संस्था या सरकार द्वारा यूपी का स्थापना दिवस न मनाने की जानकारी होने पर उन्होंने प्रयास किया और अब यहां हर साल 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस समारोह मनाया जाता है।
राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि देश में कुछ स्थानों पर इस समय नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा है। कुछ राज्यों ने इसे अपने यहां लागू न करने की बात भी कही है, लेकिन राज्य सरकारें ऐसा नहीं कर सकतीं।
केंद्र सरकार द्वारा पारित कानून को न मानना संविधान की अवमानना करना है। कलराज ने संविधान में दिए गए नागरिकों के कर्तव्यों का पाठ किया तथा सभी को उन्हें दोहराने और पालन करने के लिए कहा।
कुलपति ने की लविवि की मार्केटिंग : लविवि के कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियां तथा भावी कार्यक्रमों की रूपरेखा पेश की। उन्होंने कहा कि लविवि का इतिहास सौ साल का है। इसलिए वे इन हस्तियों के सामने अपने विश्वविद्यालय की मार्केटिंग करना चाहते हैं। लोगों को पता चलना चाहिए कि लविवि किस तरह अपने गौरवशाली इतिहास को लेकर आगे बढ़ रहा है।
- नारी सशक्तीकरण के लिए अनारकली देवी रंगभारती सम्मान- डॉ. अनीता सहगल
- समाज सेवा के लिए धर्मकिशोर रंगभारती सम्मान- शशांक श्रीवास्तव
- पुलिस सेवा में विश्वनाथ लहरी रंगभारती सम्मान- सुलखान सिंह, पूर्व पुलिस महानिदेशक
- प्रशासनिक सेवा में डॉ. जनार्दनदत्त शुक्ल रंगभारती सम्मान- रमेश चंद्र त्रिपाठी, सेवानिवृत्त आईएएस
- गायन में जगजीत सिंह रंगभारती सम्मान- कमला श्रीवास्तव
- चित्रकला में नंदलाल बोस रंगभारती सम्मान- डॉ. इंदुप्रकाश ऐरन
- शास्त्रीय नृत्य में उदयशंकर रंगभारती सम्मान- पूर्णिमा पांडेय
- संस्कृत भाषा में कालिदास रंगभारती सम्मान- ओमप्रकाश पांडेय, संपादक राष्ट्रधर्म