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गायत्री प्रजापति पर उनकी कंपनी के पूर्व निदेशक ने किया धोखाधड़ी और धमकाने का केस

Fri, 18 Sep 2020 05:01 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
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गायत्री प्रसाद प्रजापति
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पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ उनकी ही कंपनी के पूर्व निदेशक बृज भवन चौबे ने भी मोर्चा खोल दिया है। बृज भवन ने गोमतीनगर विस्तार थाना में पूर्व मंत्री, उनके बेटे अनिल प्रजापति और गायत्री पर रेप का आरोप लगाने वाली महिला समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, रंगदारी, धमकाने और साजिश रचने के आरोप में केस दर्ज कराया है।

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इंस्पेक्टर अखिलेश पांडेय का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। गायत्री के खिलाफ इस सप्ताह दर्ज यह दूसरी एफआईआर है। इससे पूर्व गाजीपुर थाना में गायत्री पर रेप का आरोप लगाने वाली महिला के अधिवक्ता दिनेश चंद्र त्रिपाठी ने मुकदमा दर्ज कराया था।

इंस्पेक्टर ने बताया कि बृज भवन चौबे गोमतीनगर विस्तार के खरगापुर सरस्वतीपुरम में रहते हैं। वह पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति की कंपनी में निदेशक थे। बृज भवन का आरोप है कि गायत्री ने महिला को रेप के मामले में पक्षद्रोही बनने के लिए जो मकान व जमीनें दीं, वह उनकी थीं। उन्होंने बताया कि रेप के मामले में जब गायत्री की जमानत हाईकोर्ट से निरस्त हो गई तो उन्होंने अपने बेटे अनिल प्रजापति के माध्यम से महिला से संपर्क किया। 
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अनिल ने 29 फरवरी 2016 को उन्हें एक सेल डीड दी जो मुकेश कुमार के नाम की थी। उक्त सेल डीड की वर्तमान कीमत ढाई करोड़ रुपये है। सेल डीड के साथ ही अनिल ने अपने आईसीआईसीआई बैंक स्थित खाते के दो-दो करोड़ रुपये के दो चेक भी दिए थे। दोनों चेक पर अनिल के हस्ताक्षर भी हैं।

इसके बाद उन्होंने अनिल के कहने पर एक प्रापर्टी डीलर से संपर्क कर 19 जुलाई 2018 और एक अगस्त 2018 को महिला के पक्ष में 45 लाख रुपये व 48 लाख रुपये की संपत्ति की दो सेल डीड कराईं। 

करीब एक करोड़ रुपये की संपत्तियां मिलने के बाद भी महिला का लालच खत्म नहीं हुआ और उसने और जमीन की मांग की। इस पर पूर्व मंत्री और उनके बेटे अनिल ने बृज भवन चौबे से उनकी व पत्नी के नाम से खरगापुर में स्थित 90 लाख रुपये कीमत के दो प्लाट महिला के नाम करने को कहा।

बकौल बृज भवन, उन्होंने अपनी व पत्नी के दोनों प्लाट का बैनामा करने से इनकार किया तो पूर्व मंत्री ने जान से मारने और पूरे परिवार को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। डर के मारे बृज भवन ने चार अगस्त 2018 को अपना व पत्नी का प्लाट महिला के नाम कर दिया। 

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महिला के नाम जमीन...

इसके अलावा पूर्व मंत्री ने मुकेश के नाम से खरीदी गई बेनामी संपत्तियों को बेचकर उसका नकद रुपया महिला को पहुंचाने के लिए भी कहा। बृज भवन के मुताबिक पूर्व मंत्री का कहना था कि महिला के नाम ज्यादा जमीन होगी तो लोगों को शक होने लगेगा इसलिए नकद रुपया दिया जाए। 

बृज भवन चौबे का कहना है कि पूर्व मंत्री के कहने पर उन्होंने अपने रिश्तेदारों और करीबियों से रुपया उधार लेकर मंत्री के आदमियों को करोड़ों रुपये दिए जिसे महिला के बैंक खातों में डलवाया गया। काफी नकद रकम महिला व उसके भाई राजू चौबे को दी गई जिसके सारे प्रमाण होने की बात उन्होंने कही है। बृज भवन का कहना है कि महिला उनसे और जमीन मांग रही है।

वह उनके भांजे सुनील मिश्रा के मोबाइल नंबर पर मैसेज व कॉल करके धमका रही है। जमीनें न देने पर उन्हें गौतमपल्ली में राम सिंह राजपूत, अधिवक्ता दिनेश चंद्र त्रिपाठी, अंशु गौड़ व दो अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में नाम शामिल कराने की बात कह रही है। 

बृज भवन के मुताबिक उन्होंने पूर्व मंत्री से अपनी जमीन का रुपया मांगा तो उन्होंने व अनिल ने धमकाना शुरू कर दिया। उन्हें कंपनी के निदेशक पद से हटा दिया और बकाया वेतन भी नहीं दिया। कई चेक पर जबरन हस्ताक्षर करा लिए। पूर्व मंत्री ने उन्हें केजीएमयू बुलाया था।

वहां जाने पर उक्त महिला और अन्य लोग बैठे मिले। सबने मिलकर उन्हें धमकाया और बेटे के अपहरण की धमकी दी। बृज भवन का कहना है कि उनके पास गायत्री की बेनामी संपत्तियों की जानकारी है जिसे वह पुलिस को बताने को तैयार हैं।
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