इसके अलावा पूर्व मंत्री ने मुकेश के नाम से खरीदी गई बेनामी संपत्तियों को बेचकर उसका नकद रुपया महिला को पहुंचाने के लिए भी कहा। बृज भवन के मुताबिक पूर्व मंत्री का कहना था कि महिला के नाम ज्यादा जमीन होगी तो लोगों को शक होने लगेगा इसलिए नकद रुपया दिया जाए।
बृज भवन चौबे का कहना है कि पूर्व मंत्री के कहने पर उन्होंने अपने रिश्तेदारों और करीबियों से रुपया उधार लेकर मंत्री के आदमियों को करोड़ों रुपये दिए जिसे महिला के बैंक खातों में डलवाया गया। काफी नकद रकम महिला व उसके भाई राजू चौबे को दी गई जिसके सारे प्रमाण होने की बात उन्होंने कही है। बृज भवन का कहना है कि महिला उनसे और जमीन मांग रही है।
वह उनके भांजे सुनील मिश्रा के मोबाइल नंबर पर मैसेज व कॉल करके धमका रही है। जमीनें न देने पर उन्हें गौतमपल्ली में राम सिंह राजपूत, अधिवक्ता दिनेश चंद्र त्रिपाठी, अंशु गौड़ व दो अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में नाम शामिल कराने की बात कह रही है।
बृज भवन के मुताबिक उन्होंने पूर्व मंत्री से अपनी जमीन का रुपया मांगा तो उन्होंने व अनिल ने धमकाना शुरू कर दिया। उन्हें कंपनी के निदेशक पद से हटा दिया और बकाया वेतन भी नहीं दिया। कई चेक पर जबरन हस्ताक्षर करा लिए। पूर्व मंत्री ने उन्हें केजीएमयू बुलाया था।
वहां जाने पर उक्त महिला और अन्य लोग बैठे मिले। सबने मिलकर उन्हें धमकाया और बेटे के अपहरण की धमकी दी। बृज भवन का कहना है कि उनके पास गायत्री की बेनामी संपत्तियों की जानकारी है जिसे वह पुलिस को बताने को तैयार हैं।