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पूर्व डीजीपी ने बसपा शासन की पुलिसिंग पर उठाए सवाल, कहा- सीएमओ की हत्या का हुआ था गलत खुलासा

Sun, 24 Mar 2019 11:41 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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बसपा सुप्रीमो मायावती - फोटो : amar ujala
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मायावती सरकार के दौरान स्पेशल डीजी रहे बृजलाल ने अपने कार्यकाल की पुलिसिंग पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि लखनऊ में एक के बाद एक हुए दो सीएमओ वीके आर्या और बीपी सिंह की हत्या का खुलासा शीर्ष नेतृत्व के इशारे पर दबाव डाल कर कराया गया था।

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प्रेस नोट जारी कर भाजपा नेता व पूर्व डीजीपी बृजलाल ने कहा कि करोड़ों रुपये के एनआरएचएम घोटाले की सीबीआई जांच से बचने के लिए पुलिस पर दबाव बनाकर आनन फानन में सीएमओ के मर्डर का खुलासा कराया गया था।

तत्कालीन कैबिनेट सचिव और प्रमुख सचिव गृह पर सीधा आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व के इशारे पर लखनऊ पुलिस पर दबाव डाला गया था। बृजलाल ने कहा कि वे उस समय विशेष डीजी कानून व्यवस्था और यूपी एसटीएफ के चीफ थे।
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उन्हें विश्वास में लिए बिना लखनऊ पुलिस पर दबाव बनाकर वीके आर्या की हत्या का गलत खुलासा कर दिया गया। बाद में एसटीएफ ने इस मामले में असली मुजरिमों को जेल भेजा और बेकुसूर लोगों का नाम निकाला।

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मायावती के कार्यकाल में हुआ सबसे बड़ा घोटाला

बृजलाल ने कहा कि परिवार कल्याण विभाग में हुआ घोटाला मायावती के कार्यकाल का सबसे बड़ा घोटाला था। उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएमओ योगेंद्र सिंह सचान की जेल में हत्या की गई थी।

सीबीआई ने ठीक से जांच की होती तो कई और बड़े नेता व अधिकारी फंसते। बृजलाल ने सपा पर अनुसूचित जाति विरोधी होने का आरोप लगाया और कहा कि मायावती ने एससी विरोधी पार्टी से समझौता कर लिया।
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