ब्रेट ली ने हिंदी में संवाद कर बढ़ाया बच्चों का जोश
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बैठ जाओ रे बाबा, अभी देता हूं ऑटोग्राफ... आस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने शुक्रवार को लखनऊ के बीकेटी के मामपुर बाना स्थित वेदम वर्ल्ड स्कूल में कुछ इस तरह हिंदी में संवाद किया तो बच्चे जोश से भर उठे। उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि अभी तक जिस क्रिकेटर को टीवी पर देखते थे, वह न सिर्फ सामने मौजूद था, बल्कि उनसे बातचीत भी कर रहा था। ब्रेट ली स्कूल में विश्व स्तर की खेल सुविधाओं का शिलान्यास करने आए थे।
गणपति वंदना के साथ शुरू हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों को ब्रेट ली ने खूब सराहा। उन्होंने बताया कि भारत उनका दूसरा घर है। उनके घर में गणेशजी की छह मूर्तियां हैं। के दौरान ब्रेट ली ने नमस्ते कहकर सभी का अभिवादन किया। शिक्षकों ने हिंदी जानने के बारे में सवाल किया तो उनका कहना था कि थोड़ी-थोड़ी हिंदी आती है। कुछ बच्चों से उन्होंने हिंदी में बात भी की। यह भी बताया कि वह हिंदी फिल्म में काम कर चुके हैं।
वेदम वर्ल्ड स्कूल में ब्रेट ली
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ब्रेट ली ने कहा कि उनके पसंदीदा क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर हैं तो परिसर तालियों से गूंज उठा। उन्होंने वीवीएस लक्ष्मण, विराट कोहली, एमएस धोनी और सौरव गांगुली को भी शानदार बल्लेबाज बताया। बच्चों ने उनसे क्रिकेट और फिटनेस पर आधारित सवाल करने के साथ बैट, टीशर्ट पर ऑटोग्राफ भी लिए। मौके पर वेदम वर्ल्ड स्कूल के डायरेक्टर निखिल जैन, आदित्य गोयल और श्रीराम अग्रवाल के साथ प्रिंसिपल साफिया उस्मानी, शिक्षक और बच्चे मौजूद रहे।
मेहनत और कोच की सलाह से मिलेगा मुकाम
छात्र अभिनव सिंह ने ब्रेट ली से पूछा कि युवा खिलाड़ी इंटरनेशनट क्रिकेट तक पहुंचने के लिए क्या करें? इस पर उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम करने के साथ कोच की सलाह माननी चाहिए। आदित्य राय ने ब्रेट ली से खेल के दौरान चोट लगने के कुछ देर बाद ही क्रिकेटरों के दोबारा मैदान पर लौटने को लेकर सवाल किया। ली ने बताया कि इसके लिए उनकी मेडिकल टीम और कई एक्सरसाइज मदद करती हैं। आज्ञा अवस्थी आरव और कुशाग्र ने भी ब्रेट ली से फिटनेस को लेकर सवाल किए।
वेदम वर्ल्ड स्कूल में ब्रेट ली
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स्कूल में मिलेंगी आधुनिक खेल सुविधाएं
वेदम वर्ल्ड स्कूल में ब्रेट ली ने क्रिकेट, फुटबॉल, वॉलीबाल के साथ एथलेटिक्स की सुविधाओं का शिलान्यास किया। यहां खो-खो, कबड्डी जैसे परंपरागत भारतीय खेल भी बच्चों के लिए मौजूद रहेंगे। बच्चे हार्टीकल्चर के तहत उगाए जाने वाले पौधों पर भी अध्ययन कर सकेंगे।