सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने महंगाई को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की आर्थिक नीतियों का ही दुष्परिणाम है कि महंगाई आसमान से नीचे आने का नाम नहीं ले रही है।
रोजमर्रा के घरेलू उपयोग की वस्तुओं से लेकर खेती में इस्तेमाल होने वाली खाद, बीज, डीजल व बिजली के दामों में बेतहाशा वृद्धि ने किसानों के सामने आर्थिक संकट पैदा कर दिया है। गृहणियों की व्यथा अलग है। आटा, तेल, सब्जियों व प्याज के मूल्यों में वृद्धि जारी है। पट्रोल-डीजल और घरेलू उपयोग के गैस सिलेंडरों के दामों में वृद्धि हो गई है।
अखिलेश यादव ने कहा, भाजपा सरकार जन समस्याओं को सुलझाने के बजाय जीवन को जटिल बनाने में लगी है। लगता है कि भाजपा का वास्तविक एजेंडा यही है कि जनता चैन से न बैठने पाए।
भाजपा सरकार की आर्थिक नीतियां जनता के लिए अभिशाप बनकर आई हैं। गलत आर्थिक नीतियों एवं नोटबंदी और जीएसटी के कारण नौजवानों के भविष्य के सामने अंधेरी सुरंग है। दूर-दूर तक कुछ नहीं दिखता। न रोजगार न नौकरी की संभावना है।
छोटे कारोबार, कुटीर व लघु उद्योगधंधो में उत्पादन से लेकर रोजगार में भारी गिरावट आ गई है। जीडीपी के आंकड़े तो और भी डरावने है। जनसराकारों के असली मुद्दों से ध्यान हटा कर अनावश्यक सवालों के जरिए जनता को परेशानी में फंसाना भाजपा अपनी उपलब्धि समझती है।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश की स्थिति भयावह है। किसानों, नौजवानों, छोटे व्यापारियों और दुकानदारों का भाजपा सरकार ने निराश ही किया है। भाजपा सरकार में जीवन, संपत्ति और सम्मान सुरक्षित नहीं है।
ढाई वर्ष में ही भाजपा सरकार ने जनता से अपने चाल-चरित्र और चेहरे का जो नया परिचय कराया है, वैसी उम्मीद जनता को कभी नहीं रही। लोकतंत्र में सरकारों का यह नया अनुभव है, जो खतरनाक है।