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दिवाली से पहले 25 हजार होमगार्ड्स की जिंदगी में किया अंधेरा: अखिलेश यादव

Wed, 16 Oct 2019 09:27 PM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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फाइल फोटो
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सपा, बसपा व कांग्रेस ने दिवाली से पहले 25 हजार होमगार्ड्स की जिंदगी में अंधेरा करने के लिए प्रदेश सरकार की आलोचना की है। कहा है कि सरकार अपनी गलत आर्थिक नीतियों की सजा लाखों लोगों को क्यों दे रही है ?
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सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बयान में कहा है कि प्रदेश में भाजपा सरकार अपने कारनामों से विनाशकारी बनती जा रही है। दीपावली का पर्व हर्षोल्लास का पर्व माना जाता है लेकिन भाजपा सरकार ने 25 हजार होमगाड्ऱ्स के परिवारों में अंधेरा कर दिया। 

सबका साथ-सबका विश्वास, मंत्र दोहराने वाली भाजपा को यह गंवारा नहीं हुआ कि किसी गरीब का वेतन बढ़ जाए। होमगार्ड्स को बेरोजगार बनाना ही भाजपा को ठीक लगा। 
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उन्होंने कहा कि होमगार्ड को पुलिस के सिपाही के बराबर वेतन दिए जाने के न्यायालय के निर्देश के बाद होमगार्ड का एक दिन का वेतन 500 रुपये से बढ़कर 672 रुपये हो जाता। भाजपा को गरीबों का वेतन बढ़ना अच्छा नहीं लगा।
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क्यों बेरोजगारी बढ़ा रही सरकार: मायावती

मायावती ने ट्वीट कर 25 हजार होमगार्ड्स की सेवाएं समाप्त किए जाने की आलोचना की। कहा, यूपी सरकार अपनी गलत आर्थिक नीतियों की सा 25 हजार होमगार्डों को बर्खास्त करके उनके परिवार के लाखों लोगों को क्यों दे रही है? सरकार रोजगार देने केबजाय बेरोजगारी को और क्यों बढ़ा रही है। सरकार जनहित पर समुचित ध्यान दे तो बेहतर है।

न कार्य दिवस घटाएं न ही सेवा समाप्त करें: मोना
कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्र मोना ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर 25 हजार होमगार्ड के जवानों को सेवा से निकालने के निर्णय दुखद बताया। कहा है कि प्रदेश की कानून व्यवस्था को कायम रखने में होमगार्ड के जवानों का अहम योगदान रहता है।

वे पुलिस के जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी सेवाएं देते हैं। कहा कि सरकार का इरादा था कि खाली पड़े पदों को भरा जायेगा और बेरोजगारों को रोजगार दिया जायेगा।

उन्होंने मांग की है कि होमगार्ड विभाग को अतिरिक्त धनराशि दी जाए। 25 हजार होमगार्ड को पूर्ववत सेवा में बनाये रखा जाए और उनके कार्य दिवस कम न किए जाएं। होमगार्ड निम्न और मध्यम वर्ग से आते हैं। वे मुश्किल से परिवार की आजीविका चला पाते हैं।
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