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लखनऊ : पुलिस चौकी के सामने गैंगवार में मुख्तार अंसारी के करीबी पूर्व ब्लॉक प्रमुख की गोली मारकर हत्या

Thu, 07 Jan 2021 10:48 AM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
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पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह - फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ में विभूतिखंड स्थित भीड़ भरे कठौता पुलिस चौकी के सामने बुधवार रात गैंगवार में मऊ के मोहम्मदाबाद गोहना के पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के दौरान उसके परिचित मोहर सिंह के पैर में भी तीन गोलियां लगीं। ताबड़तोड़ चली गोलियों की जद में आने से वहां से गुजर रहा फूड डिलीवरी बॉय भी घायल हो गया है। अजीत बाहुबली मुख्तार अंसारी का करीबी व जीयनपुर के विधायक सर्वेश सिंह उर्फ सीपू सिंह हत्याकांड का गवाह था। अजीत सिंह का गैंग मऊ जिले में रजिस्टर्ड है, इसका मेन शूटर मोहर सिंह है। मुख्तार अंसारी गैंग के सहयोगी गैंग के रूप में गैंग रजिस्टर्ड है। पुलिस के अनुसार, अजीत को आठ से दस गोलियां लगी हैं। पुलिस मामले में मोहर सिंह को भी संदेह के घेरे में रखे है।
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पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर के मुताबिक अजीत गोमतीनगर विस्तार स्थित राप्ती अपार्टमेंट रहता था। वह मूलरूप से मऊ के भदीड़ गांव का रहने वाला था। रात करीब आठ बजे वह मोहर सिंह के साथ किसी काम से कठौता चौराहे के पास स्थित उदय टावर आया था। दोनों के एसयूवी से उतरते ही पहले से घात लगाए तीन बदमाशों ने गोलियां बरसा दीं। फायरिंग से पूरे इलाके में भगदड़ मच गई। अजीत लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा। मोहर शोर मचाते हुए बदमाशों के पीछे भागा, लेकिन तब तक वे बाइक से फरार हो गए। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकलवा रही है। अजीत के साथी से पूछताछ के साथ मऊ व आजमगढ़ पुलिस से संपर्क किया गया है।

अजीत के गाड़ी में मिली दो लोडेड पिस्तौल

जांच करते पुलिसकर्मी। - फोटो : amar ujala
पुलिस के मुताबिक, वारदात में बदमाशों ने नौ एमएम पिस्तौल का इस्तेमाल किया है। वारदात स्थल पर जांच करने पहुंची पुलिस टीम ने अजीत की गाड़ी की भी जांच की। इस दौरान गाड़ी के लॉक तोड़े गए तो अंदर से अजीत की दो लोडेड पिस्तौलें मिलीं। दोनों से गोली चलने की भी पुष्टि हुई है। गाड़ी के अंदर भी खून के निशान मिले। एक बदमाश के घायल होने की पुष्टि भी पुलिस कर रही है। पुलिस घायल बदमाश को सरगर्मी से तलाश रही है।

दिसंबर में किया गया था जिला बदर
पुलिस आयुक्त ने बताया कि अजीत के खिलाफ मऊ व आजमगढ़ में पांच हत्या सहित 17 केस दर्ज हैं। अजीत के खिलाफ पुलिस ने अपनी रिपोर्ट दी थी, जिसके आधार पर मऊ जिला प्रशासन ने दिसंबर में उसे जिलाबदर कर दिया था। इसके बाद से ही वह लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार इलाके के राप्ती अपार्टमेंट में रहता था।

घर में घुसकर की गई थी विधायक की हत्या                    
आजमगढ़ के जीयनपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक सर्वेश सिंह की 19 जुलाई, 2013 को बदमाशों ने घर में घुसकर दिनदहाड़े गोली हत्या की थी। वारदात में अजीत चश्मदीद गवाह था। इस मामले में ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सिंह व अखंड सिंह सहित 13 लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ था। इस वारदात को पुलिस विधायक हत्याकांड से जोड़कर देख रही है। इसी बिंदु पर जांच भी शुरू कर दी गई है। कुंटू जीयनपुर के छपरा गांव का रहने वाला है। फिलहाल अखंड और कुंटू दोनों जेल में है।
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बाहुबली का करीबी था, गैंगवार की आशंका में एसटीएफ लगाई

घटनास्थल पर जांंच करते पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर। - फोटो : amar ujala
अजीत सिंह की हत्या में गैंगवार की आशंका से एसटीएफ को भी लगा दिया गया है। एक टीम ने घटनास्थल पहुंचकर मुआयना करने के साथ मोहर सिंह से पूछताछ की। पुलिस सूत्रों का कहना है कि अजीत बाहुबली मुख्तार अंसारी का करीबी है और उसकी मौत गैंगवार में हुई है। 

महिला सिपाही ने आकाश को पहुंचाया अस्पताल
गोली लगने से घायल हुए डिलीवरी बॉय आकाश को वहां गुजर रही एक महिला सिपाही ने एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने बताया कि आकाश को एक गोली लगी है। वहीं दूसरे घायल को लोहिया अस्पताल ले जाया गया।

विधायक के हत्यारोपी से चल रही थी रंजिश 
अजीत सिंह की विधायक सीपू सिंह की हत्या के आरोपी ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सिंह से रंजिश थी। कुंटू जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के छपरा गांव का रहने वाला है और अभी जेल में है। विधायक हत्याकांड में उसके अलावा 12 लोगों पर एफआईआर कराई गई थी।
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