गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में एंबुलेंस में शव छोड़कर भागने वाले युवक के खिलाफ बुधवार को महिला के पिता ने तहरीर दी है। कुशीनगर के रामकोला के मांडराय खेदू टोला निवासी इंद्रदेव ने आरोप लगाया कि युवक ने नाम और पहचान छिपाकर उनकी बेटी को प्रेमजाल में फंसाया और भगा ले गया। पिता ने युवक पर ही अनहोनी करने की आशंका जताई है। तहरीर के आधार पर पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।
जानकारी के अनुसार, रविवार शाम चंडीगढ़ पीजीआई से एक युवक एंबुलेंस से महिला को लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचा। डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया तो युवक ट्रामा सेंटर में पर्ची कटाने के बहाने फरार हो गया। उधर, प्राइवेट एंबुलेंस चालक मोहाली (पंजाब) के पिंड माजरी गांव निवासी अश्वनी वर्मा ने रात भर युवक का इंतजार किया। सोमवार सुबह अश्वनी ने पुलिस को सूचना दी।
एंबुलेंस चालक ने पुलिस को बताया कि उक्त युवक ने अपना नाम राजेश और महिला को अपनी पत्नी कुशीनगर की सुधा बताया था। जांच के बाद युवक के बारे में पता चला कि वह कुशीनगर के हाटा के पिपरा तिवारी गांव का मेहताब उर्फ राजेश है। पुलिस उसके गांव पहुंची तो घर पर ताला लगा था। पुलिस ने एंबुलेंस चालक से आवेदन लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पिपरा गांव के लोग भी कह रहे कि युवक का नाम राजेश नहीं
उधर, अखबारों में खबर पढ़कर बुधवार को कुशीनगर के रामकोला निवासी इंद्रदेव गुलरिहा थाने पहुंचे। उन्होंने महिला की पहचान अपनी बेटी सुधा (25) के रूप में की। उन्होंने बताया कि सुधा की शादी आठ वर्ष पहले महराजगंज के श्यामदेउरवा निवासी पिंटू से हुई थी। पिंटू राजस्थान में मजदूरी करता था। सुधा मायके में रह रही थी। आरोप है कि तीन माह पूर्व मेहताब ने सुधा को अपना नाम और पहचान बदलकर प्रेमजाल में फंसा लिया और भगा ले गया। तभी से लुधियाना में रह रहा था।
पिपरा गांव के लोग भी कह रहे हैं कि युवक का नाम राजेश कुमार नहीं, मेहताब है। गांव के दुर्गेश व शुभम का कहना है कि मेहताब रविवार रात आया था। सोमवार सुबह चला गया। दोपहर में पुलिस उसके घर पहुंची थी पर ताला बंद था। युवक की हरकतों से लोगों को महिला के साथ कुछ अनहोनी की आशंका हो रही है।
लोगों का कहना था कि युवक अगर सही है तो शव छोड़कर फरार क्यों हो गया? पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चल जाएगा कि महिला की मौत बीमारी से हुई है या किसी अन्य वजह से हुई है।
हिंदू बनकर की शादी, जो यूपी में प्रतिबंधित
मेडिकल कॉलेज चौकी इंचार्ज गौरव कन्नौजिया ने बताया कि महिला की पहचान हो गई है। महिला के पिता ने तहरीर दी है। तहरीर में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह स्पष्ट हो जाएगी। इसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिस तरह से हिंदू नाम का इस्तेमाल कर लड़की से शादी की गई, वह धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 3/5 के तहत यूपी में प्रतिबंधित है। इस मामले में पुलिस मुकदमा दर्ज करके आगे की कार्रवाई कर सकती है। इस धारा में दर्ज मुकदमा गैर जमानती है। दस साल की सजा का प्रावधान है।