जनभवन में आयोजित क्षमावाणी पर्व व त्यागी व्रती सम्मान, मिच्छामि दुक्कडम कार्यक्रम
लखनऊ। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि क्षमा केवल एक शब्द नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की वह अमूल्य निधि है। जो टूटे हुए संबंधों को जोड़ती है, मन के मैल को धोती है और अहंकार के अंधकार में करुणा का दीप जलाती है। जैन दर्शन ने संसार को यह अनुपम संदेश दिया है कि मनुष्य की वास्तविक विजय किसी दूसरे पर विजय पाने में नहीं, बल्कि स्वयं के क्रोध, अहंकार, लोभ और मोह पर विजय प्राप्त करने में है।
वे बृहस्पतिवार को जनभवन में आयोजित क्षमावाणी पर्व व त्यागी व्रती सम्मान, मिच्छामि दुक्कडम कार्यक्रम में शामिल हुईं। साथ ही उन्होंने त्यागी व्रतीजनों को सम्मानित किया। श्री 108 सुबल सागर महाराज ने कहा कि संपूर्ण विश्व में जितने भी जीव हैं और विचरण कर रहे हैं, उन सभी के प्रति मैत्री भाव होना चाहिए। कार्यक्रम में महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य, पीठाधीश जैन तीर्थ अयोध्या स्वामी रविन्द्रकीर्ति, प्रदीप जैन, पवन कुमार जैन, अभिषेक जैन, संजीव जैन व आरएसएस के प्रांत प्रचारक अवध कौशल आदि उपस्थित थे।
जनभवन में आयोजित क्षमावाणी पर्व व त्यागी व्रती सम्मान, मिच्छामि दुक्कडम कार्यक्रम
जनभवन में आयोजित क्षमावाणी पर्व व त्यागी व्रती सम्मान, मिच्छामि दुक्कडम कार्यक्रम
जनभवन में आयोजित क्षमावाणी पर्व व त्यागी व्रती सम्मान, मिच्छामि दुक्कडम कार्यक्रम