सीतापुर के नरनी गांव में बाघिन और उसके शावकों की मौजूदगी से ग्रामीण डरे हुए हैं। वन विभाग लगातार पिंजरे और ट्रैप कैमरों से निगरानी कर रहा है, लेकिन बाघ पकड़ में नहीं आ रहे। इससे फसलें खराब हो रही हैं और किसान चिंतित हैं।
महोली (सीतापुर)। नरनी गांव के आसपास बाघिन के कुनबे की चहलकदमी से गांव के लोग डरे हुए हैं। वन विभाग ने बाघिन को ट्रैंकुलाइज करने वाले स्थान से करीब 300 मीटर के दायरे में चार पिंजरे लगा रखे हैं। इसमें रोजाना मांस के टुकड़े डाले जा रहे हैं लेकिन बाघ व उसके शावक पिंजरे के करीब नहीं जा रहे हैं। इसके अलावा इलाके में 15 ट्रैप कैमरे भी लगे हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि वन कर्मी बताते हैं कि दो दिन पूर्व शावक ड्रोन कैमरे में नजर आए थे। उसके बाद से बाघ व शावक ड्रोन व ट्रैप कैमरे में कैद नहीं हुए हैं। वहीं विभागीय सूत्र बताते हैं कि शावकों ने अपना ठिकाना बदल लिया है।
नरनी गांव के किसान नीरज दीक्षित व अंशुल ने बताया कि खेतों में खड़ी फसलें खराब हो रही है। खेतों में समय से खाद न पड़ने से पैदावार में भी गिरावट की आशंका है। रेंजर केएन भार्गव ने बताया कि टीम लगातार कॉम्बिंग कर रही है। शुक्रवार को कहीं भी ताजा पगचिह्न नहीं मिले हैं। ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है।