वन निगम अब लकड़ी के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेच सकेगा। अंतरराष्ट्रीय मानकों के मुताबिक कुशल वन प्रबंधन के तहत प्रोग्राम एंडोर्समेंट फॉरेस्ट सर्टिफिकेट(पीईएफसी) मिल गया है। इतना ही नहीं इस वर्ष वन विभाग 30 करोड़ पौधे लगाने की रणनीति पर भी काम करेगा। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री दारा सिंह चौहान ने प्रमाणीकरण की सराहना की और इस उपलब्धि के लिए अधिकारियों की प्रशंसा की।
शुक्रवार को कुकरैल में वन विभाग व निगम की ओर से वन प्रमाणीकरण पर कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें प्रमाणपत्र पर चर्चा भी की गई। इसमें बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे मंत्री ने खुशी जताते हुए कहा कि प्रमाणीकरण को भविष्य में बनाए रखने के प्रयास जारी रहने चाहिए। इस उपलब्धि से आने वाले दिनों में वन निगम की वित्तीय स्थिति सुधरेगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में लकड़ी व उसके उत्पादों की अच्छी कीमत मिलेगी, जिससे उत्पादकों की आय में भी वृद्धि होगी। कार्यशाला में अपर प्रबंध निदेशक अतुल जिंदल ने वन प्रमाणीकरण के बारे में बताया। वन संरक्षक सुधीर गर्ग, प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील पांडेय उपस्थित रहे।