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विदेश जाने का प्लान बना रहे लोगों के लिए बुरी खबर, पढ़िए...

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इंग्लैंड और अन्य यूरोपीय देशों या अमेरिका जाने की चाहत रखने वाले यूपी के हजारों लोगों के लिए अब एक नई मुसीबत खड़ी हो गई है। वीजा के लिए बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन की अनिवार्यता के कारण लोग इन देशों के सफर से पहले दिल्ली स्थित वीजा फैसिलिटी सेंटर जाने को मजबूर हैं।
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उन लोगों के लिए यह परेशानी और भी बढ़ जाती है जो परिवार के साथ इन देशों की यात्रा करना चाह रहे हैं। इसका असर पर्यटकों के साथ-साथ निर्यात से जुड़े कारोबारियों, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों पर भी पड़ रहा है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में सूबे के लोग इन देशों की यात्रा का प्लान कैंसिल कर रहे हैं।

नवंबर से लागू नए नियम के अनुसार इंग्लैंड, यूरोपीय यूनियन के किसी भी देश या अमेरिका जाने वालों को अपनी बायोमीट्रिक पहचान रजिस्टर करवाना जरूरी हो गया है।
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एक से अधिक देश का वीजा पाना भी चुनौती

फरहान वारसी बताते हैं कि दिल्ली स्थित वीजा फैसिलिटी सेंटर पर बायोमीट्रिक वेरिफेशन और कागजी खानापूरी के बाद पासपोर्ट जमा कर लिए जाते हैं। वीजा जारी होने पर इसे कूरियर से घर के पते पर भेजा जाता है। पूरी प्रक्रिया में 10 से 15 दिन लग रहे हैं।

यानी किसी ने अगर इंग्लैंड के लिए वीजा फैसिलिटी सेंटर पर आवेदन किया और उसके बाद वह यूरोप के किसी और देश में घूमना चाहे तो 15 दिन के बाद ही आवेदन कर सकेगा क्योंकि उसका पासपोर्ट पूरी अवधि में इंग्लैंड के वीजा के लिए जमा रहेगा।

प्रदेश के नागरिकों को दिल्ली का चक्कर लगाने से निजात दिलाने के लिए जरूरी हो गया है कि लखनऊ में ही वीजा फैसिलिटी सेंटर खोला जाए। इससे जहां हजारों लोगों का समय बचेगा, वहीं प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करने में भी मदद मिलेगी। इसके लिए प्रदेश सरकार पहल कर सकती है।
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यूपी के हजारों लोग हर साल जाते हैं यूरोप

पर्यटन के लिए इंग्लैंड और अन्य यूरोपीय देश घूमने जाने वाले यूपी के लोग पहले एजेंट्स के जरिये आवेदन करते थे। यूरोपीय यूनियन के अन्य देशों के लिए बायोमीट्रिक पहचान देना जरूरी नहीं था। सूबे से बहुत से लोग दक्षिण-पूर्व एशिया, ऑस्ट्रेलिया आदि की यात्रा करते हैं, लेकिन उनके लिए आज भी इसकी अनिवार्यता नहीं है।

ट्रेवल केयर के दूसरे निदेशक मोहम्मद रईस बताते हैं कि हर वर्ष यूपी से करीब साढ़े चार हजार लोग विभिन्न कारणों से यूरोपीय देशों की यात्रा पर जाते हैं। इनसे कहीं अधिक लोग इंग्लैंड जाते हैं। वहीं, करीब पांच हजार लोग हर साल अमेरिका जाते हैं।

सूबे में वीजा फैसिलिटी सेंटर के लिए केंद्र सरकार और इन सेंटरों को स्थापित करने वाली कंपनी के से प्रदेश सरकार की बातचीत जारी है। उम्मीद है कि जल्द ही सेंटर शुरू किए जाएंगे। सबसे पहले यूके के लिए ही वीएफसी शुरू किया जाएगा।
आरबी वर्मा, निदेशक, एनआरआई विभाग, यूपी सरकार

प्रदेश सरकार ने इंग्लैंड के दूतावास के साथ प्रदेश में एक वीजा फैसिलिटी सेंटर खोलने पर बातचीत शुरू कर दी है। फिलहाल गेंद ब्रिटिश सरकार के पाले में है। हम उनके जवाब का इंतजार कर रहे हैं कि वे अपना जवाब दें। हमारा प्रयास होगा कि लखनऊ के साथ ही आगरा व कुछ अन्य शहरों में भी वीजा फैसिलिटी सेंटर खोले जाएं।
संजीव सरन, प्रमुख सचिव, एनआरआई सेल
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