आठ शिक्षक होंगे तो भी मदरसों को अनुदान मिल सकेगा। हालांकि यह सुविधा महज तीन महीने के लिए दी जाएगी। अब तक अनुदान के लिए प्रधानाचार्य के अलावा 12 शिक्षक होने चाहिए।
तीन महीने के दौरान मदरसों को शिक्षकों के खाली पदों को भरना होगा। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मदरसों को अनुदान पर लेने की घोषणा को अमली जामा पहनाने के लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने अब बीच का रास्ता निकाला है।
इसके लिए अनुदान देने के लिए मानक शिथिल किए जा रहे हैं। सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण एसपी सिंह ने भी इसे हरी झंडी दे दी है। अब फाइल वित्त विभाग गई है।
वहां से आने के बाद इसे जारी कर दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार जो बदलाव किए जा रहे हैं उसके तहत 12 शिक्षकों में से यदि आठ हैं तो भी उन्हें अनुदान दिया जा सकता है।
अब तक जो मानक है उनमें एक भी शिक्षक कम रहने पर अनुदान नहीं दिया जा सकता। मानकों के शिथिल होने के बाद फिर से यह देखा जाएगा कि कितने मदरसों को अनुदान मिल सकता है।