सरोजनीनगर। वाराणसी में बीते दिनों कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सहित 10 लोगों के खिलाफ दर्ज हुई रिपोर्ट को लेकर कांग्रेसियों ने सोमवार को पैदल मार्च निकालकर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सरोजनी नगर तहसील के नायब तहसीलदार वीरेंद्र प्रजापति को सौंपा।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष रुद्र दमन सिंह चौहान बबलू के नेतृत्व में बिजनौर - बंथरा रोड स्थित किसान पथ ओवर ब्रिज से पैदल तहसील कार्यालय पहुंचे कांग्रेसियों ने प्रदर्शन किया। इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि सनातन धर्म में काशी का सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्थान है। यह ऐसा पवित्र स्थान है जो प्रदेश ही नहीं, पूरे देशवासियों की आस्था और विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि काशी जैसे धार्मिक मान्यता वाले शहर में आम जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है। उन्होंने कहा कि वाराणसी में जल भराव, ध्वस्त सीवर, परेशान दुकानदार, रोपवे और जाम जैसी समस्या के अलावा कावड़ यात्रियों की समस्याओं के निराकरण को लेकर बीती 10 जुलाई को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने पदयात्रा निकाली थी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आम जनता की मूलभूत सुविधाओं से बिल्कुल बेपरवाह है। यही वजह है कि कांग्रेस द्वारा निकाली गई पदयात्रा को लेकर प्रदेश अध्यक्ष सहित कांग्रेस के 10 लोगों के खिलाफ वाराणसी के सिगरा थाने में फर्जी मुकदमा दर्ज कर दिया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेसियों के खिलाफ दर्ज किया गया मुकदमा अन्यायपूर्ण और लोकतांत्रिक है। उन्होंने राज्यपाल से कांग्रेस नेताओं के खिलाफ दर्ज किये गए मुकदमे को रद्द कराने की मांग की।
साथ ही उन्होंने श्रावण माह में श्रद्धालुओं की सुविधाओं की उचित व्यवस्था कराने के लिए प्रदेश सरकार को निर्देश देने की राज्यपाल से गुजारिश की। उन्होंने कहा कि सरकार आम जनता की तकलीफों को दूर करने के बजाय समस्याएं उठाने पर विपक्षी दल के ऊपर दमनात्मक कार्रवाई करती है। उन्होंने इसे लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास बताया। पदयात्रा में जिलाध्यक्ष के साथ पूर्व जिला पंचायत सदस्य महीप सिंह, सरताज अली, मनोज भार्गव, प्रमोद, राजेश टिकरा, रामसेवक यादव, शिव बहादुर सिंह, गनेशी रावत और सावंत श्रीवास्तव आदि शामिल रहे।