मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 को सूबे में तीन चरणों में लागू करने को मंजूरी दे दी है। इसका फायदा प्रदेश के 15.21 करोड़ लोग पाएंगे। लेकिन यह कार्यक्रम, पहले से तय समय एक अक्तूबर से लागू नहीं हो पाएगा।
वजह, केंद्र को अब तक योजना के लाभार्थियों का फाइनल ब्यौरा नहीं भेजा जा सका है और अब पत्र भेजने पर दो दिन में खाद्यान्न का आवंटन मिलना मुमकिन नहीं है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव के मद्देनजर रोक न लगाई तो कार्यक्रम को नवंबर से ही लागू हो पाने की संभावना है।
मुख्यमंत्री अखिलेश ने मंगलवार को खाद्य सुरक्षा अधिनियम को लागू करने से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की। इसमें खाद्य एवं रसद मंत्री रघुराज प्रताप सिंह व प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में सूबे में तीन चरणों में अधिनियम को लागू करने पर सहमति बनी।
पहले चरण में 24 जिलों को मिलेगा लाभ
इसमें सभी चरणों के लिए मंडल व जिलों का चयन किया गया। अब चरणवार लाभार्थियों की संख्या को अंतिम रूप दिया जा सकेगा। पहले चरण में 24 जिले, दूसरे में 26 व तीसरे में बाकी 25 जिले शामिल होंगे।
प्रमुख प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद सुधीर गर्ग ने बताया कि पहले चरण में आगरा, कानपुर, मेरठ व बस्ती मंडल के सभी जिले शामिल किए गए हैं। इसके अलावा रामपुर को छोड़कर मुरादाबाद मंडल और बुंदेलखंड में सिर्फ झांसी जिले को पहले चरण में लिया गया है।
केंद्र को चिट्ठी भेजने की तैयारी पूरी
प्रमुख सचिव गर्ग ने बताया कि प्रदेश बड़ा है इसलिए कार्यक्रम को आसानी से लागू करने के लिए इसे तीन चरणों में लागू करने का फैसला हुआ है। चरणवार लाभार्थियों की संख्या व इसके लिए आवश्यक खाद्यान्न का ब्यौरा केंद्र सरकार को भेजा जा रहा है।
केंद्र से अनुमति मिलने की देरी, राज्य तैयार
केंद्र से आवंटन प्राप्त होते ही प्रदेश सरकार कार्यक्रम को सूबे में लागू करने को तैयार है। प्रमुख सचिव ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव की आचार संहिता के मद्देनजर इस पर रोक न लगाई तो नवंबर से कार्यक्रम लागू हो जाएगा।
इस तरह पाएंगे लाभ
दो श्रेणी में होंगे लाभार्थी
अंत्योदय : इस श्रेणी के परिवार को प्रतिमाह 35 किलोग्राम खाद्यान्न मिलेगा।
पात्र गृहस्थी : इस श्रेणी के प्रत्येक व्यक्ति को पांच किलोग्राम खाद्यान्न हर महीने दिया जाएगा।
दोनों ही श्रेणी के लाभार्थियों को खाद्यान्न सस्ते दर पर मिलेगा। इसमें दो रुपये प्रति किलोग्राम गेहूं व तीन रुपये प्रति किलोग्राम चावल मिलेगा।