इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के चेयरमैन और ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कुर्बानी को समाज के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद बताते हुए सरकार से इसमें सहयोग करने की मांग की। मौलाना ने कहा है कि कुर्बानी करना कोई रस्म नहीं बल्कि अल्लाह की पसंदीदा इबादत है।
मौलाना ने कहा कि तमाम साहिब-ए-हैसियत मुसलमानों को चाहिए कि सरकार की गाइडलाइन का पालन करते हुए अपने घरों में ही कुर्बानी को अंजाम दें। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में ईद उल अजहा की तीनों दिन रेड जोन है, वे लोग दूसरी जगह पर रकम भेज कर कुर्बानी कराएं। मौलाना फरंगी महली ने कहा कि कोविड-19 की वजह से बेरोजगारी में वृद्धि हुई है और इस्लामी मदरसे भी आर्थिक तंगी का शिकार हुए हैं। मौलाना ने कहा कि जो लोग वाजिब कुर्बानियों के साथ हर साल नफली कुर्बानियां कराते हैं, वह इसकी रकम मदरसों में दान कर दें।