हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में शनिवार को एक बार फिर अमीनाबाद में अतिक्रमण हटाने के नाम पर खानापूर्ति की गई।
अभियान को देखकर साफ लग रहा था कि हाईकोर्ट में 28 को जवाब दाखिल करने के लिए किस तरह दिखावा किया जा रहा है।
पुलिस, पीएसी, मजिस्ट्रेट और नगर निगम के प्रवर्तन दस्ते की करीब 100 कर्मचारियों वाली टीम ने डेढ़ घंटे तक अमीनाबाद से लेकर लाटूश रोड तक दौड़ लगाई पर सिर्फ आधा दर्जन कब्जे व कुछ गुमटियां-बेंच तोड़कर इतिश्री कर ली।
साइकिल चलाएं, तनाव दूर भगाएं
लोगों का कहना है कि यह सामान कबाड़ था जो लंबे समय से उपयोग में नहीं था। यहां तक कि पटरी दुकानदारों तक को भी नहीं छुआ गया।
बड़े दुकानदारों से अनुरोध किया गया कि वे अपना अवैध कब्जा हटा लें। जिन पटरी दुकानदारों का अतिक्रमण हटाने के लिए पांच दिन में दूसरी बार अभियान चलाया गया।
उन्होंने शनिवार दोपहर बाद तक बाजार लगाया ही नहीं था और अपने ठेले व स्टॉल ढंककर पीली पट्टी के अंदर कर लिए थे।
दोपहर करीब 12 बजे अभियान शुरू हुआ और इसकी कमान अपर नगर आयुक्त विशाल भारद्वाज ने संभाली।
अमीनाबाद कोतवाली से जैसे ही दस्ता निकला उसने सबसे पहले रामा साड़ी वाली दुकान के सामने ट्रांसफार्मर के पास पटरी दुकानदार संगठन के नेता गोकुल प्रसाद की दुकान के बंद स्टॉल को हटाया।
यहां पर पीली पट्टी नहीं खींची गई है। यहीं पर नाली के ऊपर बनाई गई दो लकड़ी की दुकानों को तोड़ा गया, जिसे लेकर दुकानदारों ने विरोध भी किया और जेसीबी के आगे खड़े हो गए।
दस्ते के कर्मचारियों ने उन्हें पकड़कर हटाया। इसके बाद दस्ता अमीनाबाद झंडे वाला पार्क के चारों ओर, मंदिर मार्ग व इलाहाबाद बैंक वाली रोड पर गया, लेकिन इन मार्गों पर एक भी कब्जा नहीं मिला।
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यहां पर सड़क पर पटरी दुकानदारों के कब्जे नहीं दिखे, लेकिन बड़े दुकानदारों ने बरामदों में कब्जा कर रखा था। उन्हें कब्जे हटाने की चेतावनी दी गई और कुछ दुकानदारों के बोर्ड व बेंच हटाए गए।
इसके बाद दस्ता नाका जाने वाली रोड पर पहुंचा। यहां दो गुमटियां तोड़ी गईं पर बरामदे में किए गए कब्जों को हटाने की चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
गणेशगंज तक पहुंचने के बाद दस्ता आर्य समाज मंदिर की ओर मुड़ गया और लाटूश रोड पर पहुंचा।
यहां आर्य समाज मंदिर रोड के मोड़ पर बनी एक दुकान के लोहे के काउंटर हटाए गए, जिसे लेकर भी विरोध हुआ। इसके बाद दस्ता लाटूश रोड होते हुए वापस लौट गया और एक भी कब्जा नहीं हटाया गया।