जिला पंचायत ने एक बार फिर एलडीए की आपत्तियों को ठेंगा दिखाते हुए भवन निर्माण के नक्शों को जारी करने का प्रस्ताव सदन में पारित कर दिया।
जिला पंचायत ने अपने कार्य क्षेत्र में एलडीए को अधिकार देने से इनकार कर दिया।
शनिवार को विकास भवन स्थित सभागार में जिला पंचायत अध्यक्ष विजय बहादुर यादव की अध्यक्षता में सपा सांसद सुशीला सरोज व तीन विधायकों की उपस्थिति में हुई बैठक में कई अन्य प्रस्तावों पर भी मुहर लगा दी गई।
बैठक में निर्णय भी हुआ कि जिला पंचायत के नक्शा स्वीकृति के अधिकार को लेकर शीघ्र एक प्रतिनिधिमंडल भी मुख्यमंत्री से मिलकर हस्तक्षेप की गुहार लगाएगा।
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बैठक में प्रस्तुत नक्शा पारित किए जाने से जुड़े प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए जिला पंचायत सदस्यों ने आरोप लगाया कि एलडीए बेजा तौर पर हस्तक्षेप कर उनके अधिकार क्षेत्र का हनन कर रहा है।
उन्होंने मांग की कि जब तक मास्टर प्लान की प्रस्तावित योजना को शासन स्तर से अनुमोदित कर इसकी अधिसूचना जारी नहीं होती।
तब तक जिला पंचायत कार्य क्षेत्र में आने भू-संपत्तियों पर भवन निर्माण नक्शों पर एलडीए द्वारा कोई भी हस्तक्षेप न किया जाए।
न ही पूर्व में स्वीकृत नक्शों के भवन स्वामियों को एलडीए से नक्शा एप्रूवड कराने के लिए परेशान किया जाए। प्रस्ताव पर लंबी चर्चा के बाद निर्णय हुआ कि प्रस्ताव स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा।
इसके साथ ही इस संबंध में जिला पंचायत का एक प्रतिनिधिमंडल भी शीघ्र मुख्यमंत्री से मिलकर पूरे मामले में स्थिति को साफ करते हुए हस्तक्षेप की गुहार लगाएगा।
बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-2 के लिए जनपदीय इलाके के 76 मार्गों का चयन किया गया।
इस दौरान कृषि, शिक्षा, सिंचाई, ट्यूबवेल, नहर, जल निगम, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन, दुग्घ विकास से जुड़ी योजनाओं के धीमे क्रियान्वयन पर कई सदस्यों ने आपत्ति भी दर्ज करायी।
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