यूपी के तराई क्षेत्र में बाढ़ के पानी ने कई गांवों को चपेट में ले लिया है। गोंडा के करनैलगंज क्षेत्र में सोमवार रात एल्गिन-चरसड़ी बांध के 27वें किलोमीटर पर 30 मीटर हिस्सा कट गया। इसके चलते 40 मजरों के लोग बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। प्रशासन ने इन गांवों को खाली कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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बाढ़
- फोटो : amarujala
करनैलगंज-तरबगंज तहसील क्षेत्र में किनारे बसे गांवों के लिए प्रलयकारी बनी घाघरा की तबाही बढ़ती जा रही है।
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सोमवार की रात करनैलगंज क्षेत्र में बांसगांव के निकट एल्गिन-चरसड़ी बांध के 27 वें किलोमीटर पर करीब 30 मीटर हिस्सा कट गया। कटे हिस्से की लंबाई बढ़ती जा रही है।
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बांध के कट जाने से नंदौर, देवीगंज,नरायनपुर ललक, नरायनपुर जय सिंह, नरायनपुर साल, सरैया, सकतपुर, बरसड़ा ग्राम पंचायतों के करीब 40 मजरे बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
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ऐसे में अब 72 ग्रामपंचायतों के 622 मजरे बाढ़ से प्रभावित है जहां घर, मकान, खेत, खलिहान सब जगह बाढ़ का पानी भरा हुआ है।
बांध कटने की सूचना पर करनैलगंज की उपजिलाधिकारी अर्चना वर्मा ने तहसीलदार रमेश बाबू को मौके पर भेजा, लेकिन रास्ता न होने के कारण वहां तक नहीं पहुंच सके। प्रशासन ने बाढ़ की चपेट में आए गांवों को खाली कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है।