सरकार के भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सिंचाई विभाग में दागी अभियंताओं पर नकेल कसनी शुरू हो गई है। इसी कड़ी में सोमवार को मुख्यमंत्री के गृह जिले गोरखपुर के तीन अभियंताओं समेत कुल पांच अभियंताओं को आरोप पत्र दिया गया है।
न सभी पर निविदा प्रक्रिया में धांधली का आरोप है। सभी अभियंता अधीक्षण अभियंता स्तर के हैं। माना जा रहा है कि आरोप पत्र देने के बाद जल्द ही इनके निलंबन की कार्रवाई होगी।
सिंचाई मंत्री धर्मपाल को शिकायत मिली थी कि गोरखपुर, बस्ती व बलिया में बाढ़ के समय कार्य कराने के लिए हुई निविदा में व्यापक स्तर पर धांधली की गई है। शिकायत के बाद सिंचाई मंत्री ने गोपनीय तरीके से जांच कराई तो प्रारंभिक तौर पर शिकायत सही पाई गई है।
इस पर सिंचाई मंत्री ने सभी पांच अधीक्षण अभियंताओं को पहले आरोप पत्र देने का निर्देश दिया है। इसके बाद शासन ने संबंधित अधीक्षण अभियंताओं को आरोप पत्र जारी कर दिया है।