निजी मेडिकल कॉलेज अपनी 50 फीसदी सीटें स्वयं भर सकेंगे। सोमवार को इस बाबत शासनादेश जारी हो गया। बता दें, प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों में पीजी की 628 सीटें हैं। इनमें से 50 फीसदी पर प्रवेश नीट पीजी-काउंसलिंग से होगा। चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक शेष 314 सीटों पर प्राइवेट मेडिकल कॉलेज अपनी मर्जी से छात्र-छात्राओं का चयन कर सकेंगे।
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माना जा रहा है कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पोस्ट ग्रेजुएशन में अधिक सीटें न होने के कारण निजी कॉलेजों में पीजी की एक सीट एक से चार करोड़ रुपये में बिकती है। प्रदेश में लगभग 10 निजी मेडिकल कॉलेज हैं, जहां पीजी की पढ़ाई हो रही है।
ये निजी मेडिकल कॉलेज लखनऊ, बाराबंकी, हापुड़, मुजफ्फरनगर, ग्रेटर नोएडा, बरेली, कानपुर, मेरठ व मुरादाबाद में हैं। इनमें 397 सीटों को एमसीआई की मान्यता है। जबकि 224 सीटों पर पर प्रवेश की विशेष अनुमति है।
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बता दें, सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमडी, एमएस डिग्री व पीजी डिप्लोमा की कुल 900 सीटें हैं। नीट पीजी-2018 में राजकीय मेडिकल कॉलेजों में स्टेट कोटे की 490 सीटों पर प्रवेश होना है। इसके अलावा डेंटल फैकल्टी में एमडीएस की 15 सीटें हैं। इनमें से 14 केजीएमयू और एक रिम्स सैफई में है।