एलडीए में संपत्तियां खरीदने के लिए अब पंजीकरण, निरस्त कर जमा धनराशि के रिफंड सहित पांच सुविधाओं को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है। इसके अलावा लीज होल्ड संपत्तियों के फ्रीहोल्ड, संपत्तियों के म्यूटेशन और आदेशों जैसे ध्वस्तीकरण या आवंटन आदेश की डुप्लीकेट प्रतियां पाने के लिए भी ऑनलाइन ही आवेदन करना होगा।
जनहित गारंटी अधिनियम में शामिल इन पांचों सुविधाओं के लिए ऑफलाइन आवेदन नहीं लिए जा सकेंगे।आवास बंधु के निर्देश के बाद अब एलडीए में इसे लागू कर दिया गया है। लोगों को यह सुविधा www.janhit.upda.in वेब पोर्टल से मिलेगी।
यहां आने वाले आवेदनों को भी समयबद्ध तरीके से अधिकारियों को निस्तारित करना होगा। इसके लिए पांचों सुविधाओं के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी भी वीसी प्रभु एन सिंह के अनुमोदन मिलने के बाद सचिव एमपी सिंह ने नियुक्त कर दिए हैं। इन्हें अब इन पांचों सुविधाओं के लिए कोई भी आवेदन ऑफलाइन नहीं लेने के लिए आदेश भी कर दिया गया है।
इस पोर्टल पर करना होगा आवेदन
डेमो
तयशुदा समय से होगा आवेदनों का निस्तारण
इन पांचों सुविधाओं के लिए www.janhit.upda.in पोर्टल पर आवेदन करना होगा। इसके लिए पहले अपना प्रोफाइल बनाना होगा। इसके बाद जरूरी सूचनाएं और दस्तावेज अपलोड कर तयशुदा फीस जमा करनी होगी। इसके बाद आवेदन पर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। आवेदक को मेसेज से सूचना भी पोर्टल से दी जाएगी।
पंजीकरण ही था ऑनलाइन
डेमो
एलडीए अभी केवल फ्लैटों के लिए पंजीकरण की सुविधा ही ऑनलाइन दे रहा है। हालांकि ऑफलाइन भी लिए जाते हैं। अब एलडीए बैंकों के जरिये आवेदन फॉर्म की बिक्री भी नहीं कर पाएगा। सीधे ऑनलाइन ही पोर्टल से आवेदक लिए जाएंगे। ऐसे में एलडीए को उन आवेदकों के लिए भी अपनी व्यवस्था बनानी होगी, जो ऑनलाइन सिस्टम के लिए अभी जागरूक नहीं हैं।
ऑफलाइन आवेदन लिया तो अफसरों पर होगी कार्रवाई
प्रमुख सचिव आवास नितिन रमेश गोकर्ण ने आदेश में कहा है कि भविष्य में पता चला कि इन सुविधाओं के लिए ऑफलाइन आवेदन लिए गए हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अपीलीय अधिकारी अभी तय नहीं
अपीलीय अधिकारी अभी तय नहीं
भले ही पांच सुविधाओं को ऑनलाइन कर निस्तारण की अवधि जनहित गारंटी कानून में तय हो गई हो, लेकिन अभी तक शासन से अपीलीय अधिकारी तय नहीं किए जा सके हैं। ऐसे में अगर तयशुदा अवधि में निस्तारण नहीं हो पाता है तो आवेदक किससे अपील करेगा? यह अभी पांच साल में भी तय नहीं किया जा सका है। जनहित गारंटी अधिनियम 2013 से लागू है।
आदेश तत्काल लागू
शासन के आदेश पर जनहित गारंटी अधिनियम में पांच सुविधाओं को ऑनलाइन कर दिया गया है। पंजीकरण, रिफंड, फ्रीहोल्ड, म्यूटेशन के अलावा डुप्लीकेट ऑर्डर के लिए अब ऑफलाइन आवेदन नहीं किए जा सकेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। - एमपी सिंह, सचिव, एलडीए