राम मंदिर से जुड़ी पांच विभूतियों को इस बार पद्म सम्मान मिला है। इसमें श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा का मुहूर्त निकालने वाले पंडित गणेश्वर शास्त्री द्रविड़, मंदिर के आर्किटेक्ट चंद्रकांत सोमपुरा, मंदिर आंदोलन में शामिल रहीं साध्वी ऋतंभरा, न्यायालय में कानूनी सहयोगी रहे वकील सीएस वैद्यनाथन व चित्रकार वासुदेव कामत शामिल हैं।
सोमपुरा को वास्तुकला, द्रविड़ को साहित्य शिक्षा और साध्वी ऋतंभरा को सामाजिक कार्य, वैद्यनाथन को पब्लिक अफेयर्स और वासुदेव कामत को कला क्षेत्र में योगदान के लिए पद्म सम्मान के लिए चयनित किया गया है। साध्वी ऋंतभरा को पद्म भूषण जबकि अन्य चार लोगों को पद्मश्री से विभूषित करने का निर्णय लिया गया है।
चंद्रकांत सोमपुरा ने ही राम मंदिर की डिजाइन तैयार की है। उसी अनुसार मंदिर का निर्माण हो रहा है। वहीं गणेश्वर द्रविड़ ने ही राम मंदिर के भूमि पूजन व रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का मुहूर्त निकाला था। साध्वी ऋतंभरा 90 के दशक में राम मंदिर आंदोलन का अहम किरदार रहीं।
चित्रकार वासुदेव कामत ने ही रामलला की मूर्ति की ड्राइंग पर मुहर लगाई थी साथ ही मंदिर के परकोटे में बन रहे भित्तिचित्र की ड्राइंग भी उन्होंने ही तैयार की है। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास, डॉ़ अनिल मिश्र, बिमलेंद्र मोहन मिश्र समेत ट्रस्ट के अन्य सदस्यों ने पांचों विभूतियों को सम्मान मिलने पर हर्ष व्यक्त किया है।