एनआरएचएम घोटाले में सीबीआई की लखनऊ स्थित स्पेशल क्राइम ब्रांच ने पांच नई एफआईआर दर्ज की है। इनमें चार मामले सुल्तानपुर के हैं जबकि एक बांदा का।
नई एफआईआर में सीबीआई ने सुल्तानपुर व बांदा के तत्कालीन सीएमओ, एक डिप्टी सीएमओ, फार्मासिस्ट व एक दवा कंपनी समेत 12 लोगों को नामजद किया है। इन सभी पर करोड़ों के घोटाले का आरोप है।
प्रारंभिक जांच के बाद सीबीआई ने एफआईआर दर्ज करने की इजाजत मांगी थी। इस मामले की जांच सीबीआई की राजधानी स्थित स्पेशल क्राइम ब्रांच के तीन डिप्टी एसपी करेंगे।
गौरतलब है कि एनआरएचएम घोटाले के सभी मामलों की सुनवाई गाजियाबाद में ही चल रही है। ये मामले भी जांच के बाद वहीं भेजे जाएंगे।
सीबीआई ने इस मामले में हाल में 13 और एफआईआर दर्ज कर गाजियाबाद में सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया था। इसमें लखनऊ, मुरादाबाद, बिजनौर, इलाहाबाद, सहारनपुर, बरेली और गोंडा के सीएमओ के साथ लखनऊ व मुरादाबाद के कई दवा कारोबारियों को भी नामजद किया गया है। सीबीआई इस घोटाले में अब तक 100 से ज्यादा एफआईआर दर्ज कर चुकी है।
क्या कमियां मिलीं
शुरुआती जांच में कई वित्तीय अनियमितताएं मिलीं।
दवाओं की खरीद में जमकर घपले किए गए।
बिना दवाओं की सप्लाई के ही बिलों का भुगतान।
इनके खिलाफ हुई एफआईआर
सुल्तानपुर के 4 मामलों में तत्कालीन सीएमओ डॉ. वीके सिसौदिया, डिप्टी सीएमओ, जिला अंधता नियंत्रण समिति के जिला योजना प्रबंधक और दवा कंपनी डफोडिल फार्मास्युटिकल समेत कुल आठ लोगों को नामजद किया गया है। वहीं बांदा में हुए घोटाले में तत्कालीन सीएमओ (परिवार कल्याण) डॉ. आरके आर्य और चीफ फार्मासिस्ट समेत चार लोग नामजद हैं।