सूखा प्रभावित बुंदेलखंड में पेयजल परियोजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतना जल निगम के पांच अभियंताओं को भारी पड़ गया। निगम के चेयरमैन जीबी पटनायक ने झांसी मंडल के मुख्य अभियंता व चार अधिशासी अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
चेयरमैन जीबी पटनायक बुंदेलखंड में गर्मी के मौसम में पेयजल व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के लिए शुरू की गई परियोजनाओं की प्रगति की मंगलवार को समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान कई जिलों में परियोजनाओं की प्रगति काफी धीमी मिली। उन्होंने संबंधित मुख्य अभियंता और अधिशासी अभियंताओं से पूछताछ की तो वह तरह-तरह के बहाने बनाने लगे। इससे नाराज चेयरमैन ने मुख्य अभियंता और चारों अधिशासी अभियंताओं को निलंबित करने का आदेश दिया।
पटनायक ने बताया कि सरकार की मंशा के मुताबिक गर्मी शुरू होने से पहले यानी मार्च तक सभी पेयजल परियोजनाओं को पूरा करने के साथ ही जरूरत के मुताबिक विधायक निधि से हैंडपंप लगाने के लिए लक्ष्य दिए गए थे, लेकिन बुंदेलखंड के कई जिलों में प्रगति काफी धीमी है। इसके लिए जिम्मेदार अभियंताओं पर कार्रवाई की गई है।
ये अभियंता किए गए निलंबित
- इंदूकांत श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता, झांसी मंडल
- सुनील कुमार, अधिशासी अभियंता, उरई (जालौन)
- यशवीर सिंह, अधिशासी अभियंता (वि.यां), कर्वी चित्रकूट (यूनिसेफ प्रोजेक्ट)
- जेपी सिंह, अधिशासी अभियंता (वि.यां), महोबा
- कमलेश सिंह, अधिशासी अभियंता, हमीरपुर