हजारों निवेशकों का करोड़ों रुपए लेकर फरार हुई एलयूसीसी कंपनी का संचालक समीर अग्रवाल दुबई में छुपा बैठा है और अर्बन की धोखाधड़ी सामने आने के बाद पुलिस इस कंपनी से जुड़े एजेंट व अन्य अधिकारियों पर कार्रवाई कर रही है। जिला प्रभारी, तीन मैनेजर और कलेक्शनकर्मी समेत पांच लोगों को पुलिस में गिरफ्तार किया है। बृहस्पतिवार शाम को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी चिरंजीवी नाथ सिन्हा ने इसका खुलासा किया।
बताया कि पुलिस ने फतेहपुर थाना क्षेत्र के इब्राहिमपुर निवासी कंपनी के उप जिला प्रभारी संजीव कुमार वर्मा, सफदरगंज थाना क्षेत्र के भवानीपुर निवासी मैनेजर स्वामी दयाल मिश्रा, जैदपुर के मुरलीगंज निवासी मैनेजर रामशरण वर्मा, इसी थाना क्षेत्र के अहमदपुर निवासी मनोज कुमार मौर्य और बदोसराय थाना क्षेत्र के बरौलिया गांव निवासी एजेंट और कलेक्शनकर्मी रामनरेश वर्मा को बंदी बनाया है। इनसे पूछताछ के आधार पर पता चला कि शहर में जमुनिया नाला के निकट रहने वाले उत्तम सिंह राजपूत बाराबंकी आसपास जिले में कंपनी का काम देखते थे।
ये भी पढ़ें - अपहरण के बाद बच्चे का कत्ल: हाथ-पैर रस्सी से बंधे... मुंह में ठूंसा कपड़ा; 36 घंटे बेड के नीचे छिपाकर रखी लाश
ये भी पढ़ें - अपहरण के बाद बच्चे का कत्ल: कातिल आसिफ की करतूत में शामिल था परिवार... सामने आया चौंकाने वाला सच; तस्वीरें
उत्तम सिंह की पत्नी माया सिंह इस कंपनी की कोषाध्यक्ष बताई गई हैं जबकि आलापुर के दिनेश कुमार सिंह, भवानीपुर सफदरगंज के अखिलेश मिश्रा और अहमदनगर जैदपुर के संतोष कुमार मिश्रा भी इस कंपनी से जुड़े हैं जो फरार है। पकड़े गए लोगों के पास से 33 पासबुक, पांच बॉन्ड पेपर, दो लग्जरी गाड़ी बरामद की गई हैं।
पुलिस के अनुसार, द लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थिप्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के नाम से फर्जी कंपनी बनाई गई। बाराबंकी में इस कंपनी और इसके कर्ताधर्ताओं के खिलाफ अब तक 10 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। पुलिस में दावा किया कि गिरफ्तार किया गया संजीव दुबई में बैठे समीर से भी लगातार बात करता था। अभी इस मामले में और मुकदमे दर्ज होंगे और गिरफ्तारी भी की जाएगी।