लखनऊ। गोमतीनगर पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर एलडीए की जमीन बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह के खिलाफ एलडीए के प्रवर वर्ग सहायक केजी साहू ने केस दर्ज कराया था।
प्रभारी निरीक्षक गोमतीनगर केशव कुमार तिवारी के मुताबिक, पुलिस टीम ने शहीद पथ के पास से पांच जालसाजों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए जालसाजों में विरामखंड के राममणि पांडेय, उसका बेटा ऋषभ पांडेय, विनयखंड बेलहा का रंजीत कुमार यादव, उसका भाई ऋषि यादव और बाराबंकी के मिर्जापुर धौराहरा बडहलपुरवा का संतोष यादव शामिल हैं। आरोपियों के पास से पांच मोबाइल, एक बाइक व एक स्कूटी मिली है। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह एलडीए के कर्मचारियों से मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज तैयार करता है। उसी के आधार पर जमीनों के मालिकों का नाम व पता बदल देता है। फिर जमीन का सौदा मनमाने तरीके से कर मोटी रकम वसूल कर आपस में बांट लेते हैं।
विभूतिखंड में स्थित करोड़ों की जमीन बेच डाली
एलडीए के प्रवर वर्ग सहायक केजी साहू ने गोमतीनगर थाने में पिछले साल सितंबर में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि एलडीए ने विभूतिखंड में जिस जमीन बी-3/43 को विनयखंड निवासी ख्याली दत्त को बेचा था, उसी जमीन का फर्जी दस्तावेज तैयार कर संतोष यादव ने विपुलखंड निवासी लीलावती व रवींद्र प्रजापति के नाम पर रजिस्ट्री क र दी। उसने फर्जी दस्तावेज तैयार कर मालिकाना हक हासिल किया। इसके बाद करोड़ों रुपये की जमीन बेच दी। पुलिस ने जब इस मामले की जांच शुरू की तो कई लोगों के शामिल होने की बात सामने आई।
एलडीए के बाबू से मिलकर बेच दी विशेषखंड में जमीन
पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह के खिलाफ गोमतीनगर विस्तार थाने में भी केस दर्ज है जिसमें सरस्वतीपुरम खरगापुर निवासी प्रकाशचंद्र उप्रेती ने आरोप लगाया कि इस गिरोह की एलडीए के बाबू मुसाफिर सिंह से साठगांठ थी। इसी के जरिए गिरोह के त्रिभुवन सिंह बोरा, शिवमोहन सिंह, निशांत कुमार ओझा, प्रमोद चंद्र पांडेय, शिवकुमार, एलडीए बाबू मुसाफिर सिंह, संतोष कुमार यादव, राममणि पांडेय, रंजीव कुमार यादव व अन्य लोगों ने मिलकर विशेष खंड-3 स्थित 3/88 जमीन का उनसे 70 लाख रुपये में सौदा किया। इसके बाद रजिस्ट्री पेपर पर 40 लाख रुपये दिखाए। जमीन की रजिस्ट्री कराने के कुछ दिन बाद वहां पहुंचे तो दीवार टूटी मिली। पता चला कि जमीन किसी दूसरे के नाम पर से एलडीए ने आवंटित है। इस पर आपत्ति की तो जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया। इस मामले में नौ नामजद आरोपियों में से तीन को गोमतीनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।