केंद्र की अटल मिशन फॉर रिजूविनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमृत) योजना से पहले साल सूबे के 60 नगर निकायों को निखारने की तैयारी है। इनमें लखनऊ सहित 14 नगर निगम और अवध की गोंडा, बहराइच, फैजाबाद व सीतापुर सहित 46 नगर पालिका परिषदें शामिल हैं।
इनके लिए पहले साल 3400 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को मंजूरी दी गई। इसमें 1409 करोड़ केंद्र सरकार जबकि 1878 करोड़ रुपये प्रदेश सरकार लगाएगी।
मुख्य सचिव आलोक रंजन की अध्यक्षता में शुक्रवार को संपन्न राज्य स्तरीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति बैठक में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय में अपर सचिव दुर्गा शंकर मिश्र खास तौर से मौजूद रहे।
अमृत योजना के अंतर्गत पहले साल की कार्ययोजना में नगरीय अवस्थापना सुविधाओं के विकास पर फोकस किया गया है। इसमें जलापूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज, नगरीय परिवहन तथा पार्कों के विकास जैसे कार्यों के साथ नगरीय निकायों में सुधार व क्षमता संवर्धन के काम शामिल हैं।
समिति ने करीब 3400 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी देते हुए इसे केंद्र सरकार के अनुमोदन के लिए भेजने का निर्देश दिया। मुख्य सचिव ने बताया कि इन नगरों में अमृत गाइडलाइंस के अनुसार पहले चरण में जलापूर्ति व सीवरेज के काम कराए जाएंगे। हर नगर निगम में दो या इससे ज्यादा पार्कों का भी विकास होगा।
टाइम लाइन बनाकर पूरी की जाएं योजनाएं
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन योजनाओं के लिए प्राथमिकता पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कराई जाए और योजना का क्रियान्वयन टाइम लाइन बनाकर शुरू किया जाए।
बैठक में सचिव वित्त मुकेश मित्तल, सचिव नगर विकास श्रीप्रकाश सिंह, निदेशक स्थानीय निकाय अजयदीप सिंह, निदेशक क्षेत्रीय नगर एवं पर्यावरण अध्ययन केन्द्र डॉ. निशीथ राय आदि उपस्थित थे।
ये 14 नगर निगम निखरेंगे
लखनऊ, कानपुर, बरेली, मुरादाबाद, सहारनपुर, आगरा, अलीगढ़, फि रोजाबाद, वाराणसी, इलाहाबाद, मेरठ, गाज़ियाबाद, झांसी व गोरखपुर।
46 नगर पालिकाएं संवरेंगी
लोनी (गाजियाबाद) मुजफ्फ रनगर, मथुरा, शाहजहांपुर, रामपुर, मऊनाथ भंजन, फ र्रुखाबाद-फ तेहगढ़, हापुड़, इटावा, मिर्जापुर, बुलंदशहर, संभल, अमरोहा, फ तेहपुर, रायबरेली, उरई, बहराइच, जौनपुर, उन्नाव, सीतापुर, फैजाबाद, बदायूं, बांदा, लखीमपुर, हाथरस, ललितपुर, मोदी नगर (गाजियाबाद), देवरिया, पीलीभीत, हरदोई, मैनपुरी, एटा, बस्ती, चन्दौसी, गोंडा, अकबरपुर, खुर्जा, आजमगढ़, गाजीपुर, मुगलसराय (चंदौली), सुल्तानपुर, शिकोहाबाद (फीरोजाबाद), शामली, बलिया, बड़ौत व कासगंज।