घरेलू एलपीजी कस्टमरों के आधार कार्ड तैयार कर डीबीटीएल योजना के दायरे में लाने की कवायद अंतिम स्वरूप नहीं ले पा रही।
जिले के 8.72 लाख घरेलू गैस उपभोक्ताओं का बॉयोमीट्रिक पंजीयन के बाद आधार कार्ड बनवाने की कार्य योजना में फिर बदलाव किया गया है।
प्रस्तावित योजना के मसौदे में अब पहले गैस उपभोक्ताओं के एनपीआर आधारित फार्मेंट के फार्म भरवाने और इसके बाद बॉयोमीट्रिक जांच के शिविर लगवाने की योजना बनी है।
इसका पूरा मामक्रोप्लान शनिवार को प्रमुख सचिव नियोजन की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। बैठक में अनुमोदित किए जाने के बाद ही बदली हुई प्रस्तावित कार्ययोजना को लागू करने का ऐलान होगा।
प्रशासन का दावा है कि नयी प्रस्तावित कार्ययोजना को अमल में लाने से गैस उपभोक्ताओं के आधार कार्ड शिविर आयोजित करने में आड़े आ रही व्यवहारिक दिक्कतों को दूर करने में काफी हद तक मदद मिलेगी।
जिला प्रशासन की तरफ से इस जिम्मेदारी को पूरा कराने में जुटे नोडल अधिकारी व एडीएम वित्त व राजस्व एसके सिंह यादव ने बताया कि शुक्रवार को आधार कार्ड बनवाने के शिविर आयोजित किए जाने को लेकर आपूर्ति विभाग, नगर निगम, जनगणना विभाग, यूआईडी व तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ ही गैस वितरकों की बैठक में चर्चा हुई।
इसमें 31 मार्च से पहले सभी गैस उपभोक्ताओं का आधार कार्ड बनवाने में आ रही अड़चनों पर खुलकर बातचीत हुई। इसमें सभी ने कहा कि पहले एनपीआर फार्म भरने वाले उपभोक्ताओं का डाटाबेस तैयार करवा लिया जाए।
इससे वेंडर कंपनी को एक कस्टमर के बॉयोमीट्रिक पंजीयन में मात्र पांच से सात मिनट का ही समय लगेगा। गैस वितरक या सेक्टर वार्डेन को सौपेंगे जिम्मेदारी एनपीआर फार्म जमा करवाने में गैस वितरक के साथ नागरिक सुरक्षा संगठन का भी सहयोग लिया जाएगा।
इसके तहत प्रशासन द्वारा एनपीआर फार्म के फार्मेट के आधार पर हर गैस उपभोक्ता से संबंधित सूचना को एक सादे कागज पर दर्ज कर इसके साथ अपने आईडी प्रूफ व गैस कनेक्शन संबंधी कागज की छाया प्रति के साथ संबंधित गैस एजेंसी अथवा सेक्टर वार्डेन के यहां जमा कराना होगा।
प्रशासन की तरफ से हर दिन शाम पांच बजे तक प्रगणकों के माध्यम से हर गैस एजेंसी अथवा सेक्टर वार्डेन के यहां आए फार्म एकत्रित कर उन्हें वेंडर कंपनी को कंप्यूटर फीडिंग के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके आधार पर ही पंजीकृत हो चुके उपभोक्ताओं को एसएमएस भेजकर शिविर में बॉयोमीट्रिक पंजीयन करा कर आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पूरी करवाई जाएगी।
प्रशासन की मंशा है कि फार्म भरवाने का कार्य जनवरी माह में पूरा कराने के बाद एक फरवरी से शिविरों में बॉयोमीट्रिक पंजीयन का कार्य शुरू कराया जाए।
इस प्रस्तावित कार्ययोजना को अब शनिवार को प्रमुख सचिव नियोजन के साथ होने वाली बैठक में प्रस्तुत कर सहमति ली जाएगी।