लखनऊ। मोहनलालगंज के मानस हॉस्पिटल में मरीज का पैर तीन बार काटने के मामले डीएम से शिकायत बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसर हरकत में आए थे। कमेटी बनाकर दोनों पक्षों के बयान दर्ज हुए। जांच में निजी अस्पताल की लापरवाही के सुबूत मिले थे। इसी बीच तीमारदारों ने निजी अस्पताल से सुलह कर लिया है। इससे स्वास्थ्य विभाग अब बैकफुट पर आ गया है।
नगराम के रामफेर (50) सड़क हादसे में जख्मी हो गए थे। मोहनलालगंज के मानस हॉस्पिटल में इलाज के दौरान अस्पताल संचालक ने दो लाख रुपये से अधिक वसूलकर दो बार ऑपरेशन कर पैर काट दिया था। पैर में सड़न होने पर दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों को जांघ से पैर काटना पड़ गया। इससे नाराज परिजनों ने गलत ऑपरेशन करने वाले मानस अस्पताल के डॉक्टर, संचालक के खिलाफ तहसील दिवस में डीएम को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत दर्ज कराई थी। डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को फटकार लगाकर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इस पर सीएमओ ने जांच कमेटी बनाई थी। कमेटी को शुरुआती जांच में अस्पताल के खिलाफ लापरवाही के सुबूत मिले थे। इसी बीच अस्पताल संचालक ने परिजनों से सांठगांठ कर सुलह कर लिया। इससे जांच ठप हो गई। मरीज ने सीएमओ को शपथ पत्र देकर सुलह होने का दावा किया है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि दोनों पक्षों में सुलह हुआ है। जांच में अस्पताल में जो खामियां मिली थीं, वह पूरा न होने पर कार्रवाई होगी।